न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र पिछले आठ दिनों से बाब-ए-सैयद पर धरने पर बैठे हैं। देश ही नहीं, विदेशों से भी एएमयू के पूर्व छात्र उनका समर्थन कर रहे हैं। एएमयू में 12 मई से आंतरिक परीक्षा शुरू होने जा रही है।
आंदोलन के कारण पढ़ाई पर असर पड़ना लाजिमी है। इन्हीं सब कुछ सवालों एवं वर्तमान हालात को लेकर एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष मशकूर अहमद से बातचीत के प्रमुख अंश...
सवाल - यूनियन हॉल में जिन्ना की तस्वीर को लेकर क्या कहेंगे?
जवाब - जिन्ना का जिन्न दफन हो चुका है। अब हमारी लड़ाई न्याय के लिए है। हम जिन्ना की तस्वीर के लिए नहीं बल्कि एएमयू में आकर उपद्रव करने वाले हिंदू जागरण मंच एवं दूसरे संगठनों के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए लड़ रहे हैं। इसके पीछे की साजिश बेनकाब होनी चाहिए। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ यह लड़ाई है। बेरहमी से छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हमारी लड़ाई है। लाठीचार्ज की न्यायिक जांच के लिए हमारी लड़ाई है।
सवाल - एएमयू की वार्षिक परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। आंदोलन से पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
जवाब - हम लोग लड़ाई और पढ़ाई साथ-साथ करेंगे। हाथ में किताब एवं जुबां पर इंकलाब के शब्द हैं। हमारी मांगें पूरी हो जाएं तो आज धरना हटा देंगे।