सूर्य बनकर आदमी से प्यार करते
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़ ।
अलीगढ़ संस्कार भारती साहित्य संगम की ओर से केके नवमान की जयंती पर एसवी कॉलेज के रघुनाथ हॉल में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
मेरठ से आईं ममता वार्ष्णेय की वाणी वंदना से काव्य पाठ का शुभारंभ हुआ। फिरोजाबाद से आए ओज कवि ओमपाल निडर ने कहा कि ‘सिर्फ रामलीला, करने से न चलेगा काम, राम का चरित्र भी तो जीवन में धारिये’।
कानपुर से आए गीतकार डॉ. राधेश्याम भिक्ष ने सुनाया ‘दुखी संसार सारा, कोई तन से कोई मन से कोई अपनों से हारा है’। दिल्ली से पधारे ओज कवि डॉ. राधेश्याम बंधु ने सुनाया ‘बस्तियों की रोशनी इच्छा उन्हीं से है, सूर्य बनकर आदमी से प्यार करते’। अमित शर्मा, मधुकर मूसल, मनोज चौहान ने कविता पाठ किया।
भाजपा ब्रज प्रांत के अध्यक्ष मुख्य अतिथि वीएल शर्मा ने कहा कि नवमान जी समाज के लिए पूर्ण समर्पित लौह पुरुषार्थ थे। विजय प्रकाश व नंद प्रकाश नवमान ने कवियों का सम्मान किया। दीप प्रज्ज्वलन हिक्स थर्मामीटर हरिप्रकाश ने किया। अध्यक्षता दीपक मित्तल ने की।
इस मौके पर संगठन मंत्री भवानी शंकर, जिला प्रभारी भाजपा रजनीकांत माहेश्वरी, इंजी. रत्नाकर आर्य, गिर्राज किशोर, राजाराम मिश्र, संजय गोपाल, अनिल राज, भुवनेश आधुनिक आदि मौजूद रहे।