न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
डिफेंस कोरिडोर की बैठक में आए वायु सेना के एयर मार्शल एसबी डियो ने कहा कि केवल साफ्टवेयर निर्यात करने से कोई देश महाशक्ति नहीं बन सकता है। महाशक्ति बनने के लिए हार्ड पॉवर बनना जरूरी है। अब वक्त आ गया है कि उद्यमी बढ़ चढ़ कर इसमें शामिल हाें और बड़ी तादाद रक्षा उत्पाद बनाएं।
ये समय है जब हमारे देश की कंपनियां अपने उत्पाद को विदेशों में भी भेजे। अभी रक्षा क्षेत्र में उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। एयर मार्शल के बाद नेवी के रेयर एडमिरल आर स्वामीनाथन ने कहा कि हमें सेेंसर, पनडुब्बी, एयरक्राफ्ट सहित कई सामान बाहर से खरीद रहे हैं। लेकिन अब हम धीरे धीरे बहुत कुछ सामान भारत में ही बनाने लगे हैं।
ऐसे में यही मौका है कि जब उद्यमी खुद इस क्षेत्र में आगे बढ़ कर उत्पादन करें। एक से बढ़ कर एक उत्पाद बनाएं और उसको देश विदेश में भेजें। इससे भारत एक बड़ी महाशक्ति बनेगा। थल सेना के लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अंबु ने भी उद्यमियों को प्रोत्साहित किया।
रक्षा उत्पादों का 200 बिलियन डॉलर का कारोबार
रक्षा मंत्रालय के उत्पादन सचिव अजय कुमार ने कार्यक्रम के शुभारंभ पर डिफेंस कोरिडोर का पूरा आशय बताया। उन्होंने कहा कि फरवरी में इसकी घोषणा के बाद से लगातार इसको मूर्त रूप देने का काम चल रहा है। आगरा, कानपुर और झांसी में इसकी बैठक हुई है। भारत सरकार ने इस पर विशेष ध्यान दिया है।
वर्तमान में दो तिहाई काम ऐसे हैं जिनके लिए किसी तरह के कोई लाइसेंस की जरूरत नहीं है, ये उद्यमियों के लिए किया गया है। पुरानी लाइसेंस प्रणाली को नया रूप दिया गया है। रक्षा क्षेत्र में निर्यात के लिए कई अवसर है। इस वक्त पूरी दुनिया में रक्षा उत्पादों का 200 बिलियन डॉलर का कारोबार है। समय समय पर रक्षा मंत्रालय डिफेंस कोरिडोर प्रोजेक्ट की निगरानी और मानीटरिंग कर रहा है। उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 35 हजार एमएसएमई कंपनियां काम कर रही हैं। अगर इनमें से कुछ कंपनियां इस क्षेत्र में आगे बढ़ी तो एक बड़ा बाजार बनेगा।
फिम की फिल्म ने बताई अलीगढ़ की खासियत
बैठक के दौरान ही फेडरेशन ऑफ इनोवेटिव मैन्युफैक्चर्स की ओर से एक फिल्म दिखाई गई। जिसमें अलीगढ़ की खा सियत यहां के कारोबार के बारे में बताया गया। बताया गया कि जेवर का इंटरनेशनल एयरपोर्ट यहां से 67 किमी दूर है। रेलवे का डेडीकेटेड फ्रेट कोरिडोर 2019 तक चालू हो जाएगा। यमुना एक्सप्रेस वे टप्पल के पास से गुजर रहा है। अलीगढ़ आगरा हाईवे, अलीगढ़ मुरादाबाद हाईवे, अलीगढ़ मथुरा हाईवे, अलीगढ़ गाजियाबाद हाई, अलीगढ़ कानपुर हाईवे स हित अन्य एक्सप्रेस वे निकल रहे हैं। जिससे यहां की मूलभूत सुविधाएं बढ़ी हैं। इसलिए अलीगढ़ को इस कोरिडोर में शामिल किया गया है।
पीएम से सीएम तक सबको धन्यवाद : सांसद
सांसद सतीश गौतम ने डिफेंस कोरिडोर में अलीगढ़ को भी शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। उन्होंने उद्योग मंत्री सतीश महाना, जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा, शिक्षा राज्य संदीप सिंह को भी धन्यवाद दिया और भरोसा दिलाया कि अलीगढ़ के उद्यमी इस कोरिडोर में सबसे बेहतर प्रदर्शन करेंगे। टप्पल में इसके लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है। कहा कि ताला, हार्ड वेयर के बाद अब रक्षा उत्पादों में भी अलीगढ़ अपनी विश्वस्तरीय पहचान बनाएगा।
बैठक में एचएएल, आर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के चेयरमैन पीके श्रीवास्तव, पीटीसी कंपनी के सचिन अग्रवाल, पीयूष कुमार स हित अन्य लोगों ने अपनी अपनी कंपनियों के प्रस्ताव बताए। इन सभी ने भविष्य की योजनाएं भी बताईं।
गोदानी इंफ्राटेक के मालिकों से मिले मुख्य सचिव
बैठक में फेडरेशन आफ इनोवेटिव मैन्युफैक्चर्स फिम के स्टाल पर गोदानी इंफ्राटेक के उत्पादाें को देखने के लिए मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय भी पहुंचे। उन्होंने उत्पादों के बारे में जानकारी। गोदानी इंफ्राटेक के अमन राठी और अंकित माहेश्वरी ने बताया कि स्टील कास्टिंग की यूनिट अलीगढ़ में पहली यूनिट है। जिसमें फेरस और नान फेरस स्टील का काम होता है। ऐसी इकाईयां यूपी में केवल एक दो ही हैं।