क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
संतान प्राप्ति के लिए कस्बा बेसवां में तीन भाइयों की इकलौती मासूम बहन की बलि चढ़ाते हुए गला दबाकर हत्या के मुकदमे में आरोपी दंपती सहित तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला सत्र न्यायाधीश पीके सिंह के न्यायालय से सुनाया गया है। भाई दूज से बीस दिन पहले हुई घटना ने इलाके को झकझोर कर रख दिया था। अदालत ने तीनों आरोपियों को 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी डॉ. अबसार किदवई के अनुसार 23 अक्तूबर 2015 की दोपहर 12 बजे खेलते हुए कस्बा बेसवां निवासी दलित विनोद की चार बच्चों में तीसरे नंबर की दो वर्षीय बेटी मोहिनी गायब हो गई थी।
तभी से उसे तलाशा जा रहा था। अगले दिन शनिवार सुबह पड़ोसी श्रीकिशन के घर पिछले कुछ माह से चल रहीं तांत्रिक गतिविधियों पर ध्यान जाने पर शक पड़ोसी पर गहराया।
इस सूचना पर पुलिस पहुंच गई। विनोद के शक के आधार पर श्रीकिशन के घर की तलाशी ली गई तो शव उसके घर के अंदर झीने के नीचे से बरामद हो गया। उसके शरीर पर कोई जाहिरा चोट नहीं थी।
हां, नाक से खून बहता मिला और गला दबाने जैसे निशान जरूर थे। इस पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के साथ-साथ श्रीकिशन, उसकी पत्नी राखी, श्रीकिशन के बड़े भाई धर्म सिंह को हिरासत में ले लिया। बाद में तीनों पर अपहरण कर हत्या करने व शव छिपाने का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
पोस्टमार्टम में गला दबाना स्पष्ट हुआ। अदालत में सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर तीनों को अपहरण के आरोप से बरी कर दिया गया, जबकि हत्या व साक्ष्य छिपाने में दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 15-15 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
कई माह से चल रही तांत्रिक क्रियाएं
घटनाक्रम के अनुसार आरोपी श्रीकिशन व राखी की शादी को दो वर्ष हो गए। धर्म सिंह अविवाहित है। शादी के दो साल बाद भी श्रीकिशन दंपती पर कोई बच्चा न होने के कारण राखी हर शुक्रवार को टोना-टोटका करती थी। कुछ दिन पहले इन्होंने बुर्जी बिटोरो में आग लगा दी थी तथा कई बार मकान में पॉलीथिन में बांधकर मल फेंका। 23 अक्तूबर को बच्चे की चाहत में बलि देने के लिए बच्ची की हत्या कर थी।
महिला ने जेठ पर मढ़ा तंत्र-मंत्र का आरोप
गिरफ्तारी के समय पुलिस हिरासत में महिला राखी ने स्वीकारा कि संतान न होने के कारण वह खुद परेशान रहती थी। इस पर उसके जेठ धर्म सिंह अक्सर कहा करता था कि चिंता करने की कोई बात नहीं है। वह तांत्रिक क्रियाएं जानता है। वह उसे संतान सुख जरूर दिलाएगा। 23 अक्तूबर की शाम वह घर के बाहर ही मौजूद थी। तभी अचानक अंदर दरवाजा बंद हो गया। उसने कई बार दरवाजा खुलवाया। मगर नहीं खुला। इस दौरान अंदर से कुछ चीखने-चिल्लाने की आवाजें जरूर आईं। वह चुप बैठी रही। काफी देर बाद जब दरवाजा खुला और वह अंदर गई तो उसके जेठ के हाथ-पैर कांप रहे थे। खाना देते समय जब थाली हाथ में दी तो थाली भी छूटकर गिर गई। मगर वह इसलिए चुप रही कि बेवजह पूछकर किसी झमेले में न फंस जाए।
परिवार की प्यारी थी इकलौती मोहिनी
विनोद के चार बच्चों में सबसे बड़ा लोकेश, दूसरा राहुल, सबसे छोटा बेटा गुलशन है। मोहिनी तीसरे नंबर की थी। अकेली बेटी होने के कारण मोहिनी सभी परिजनों को प्यारी थी।
हत्या, हमला के आरोपियों की जमानत खारिज
सत्र न्यायाधीश पीके सिंह के न्यायालय से हत्या-हमला आदि के आरोपियों की जमानत अर्जियां खारिज की गई हैं। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी डॉ.अबसार किदवई के अनुसार सरफुद्दीन उर्फ लहेटू निवासी इस्लाम नगर सादाबाद हाथरस पर 14 मार्च 2018 को हुई शाहरुन की दहेज के लिए हत्या के मामले में जमानत अर्जी खारिज की गई है। इसी तरह रामगोपाल निवासी गोंडा अड्डा खैर की 24 नवंबर 2017 को हुई हमले की घटना में जमानत खारिज की है। इसी तरह हमले के आरोपी सुरेश निवासी रैदा गुन्नौर संभल की जमानत खारिज की गई है और सरजू यादव निवासी अवतार नगर सासनी गेट की जमानत भी हमले में जमानत खारिज की गई है।