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नगला कलार कांड में कोतवाल को नोटिस

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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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महानगर के बहुचर्चित नगला कलार कांड में अदालत ने अब आकर इंस्पेक्टर बन्नादेवी को नोटिस जारी किया है। इसके मूल में सीधे-सीधे कहा गया है कि आखिर 2013 के इस मुकदमे में गवाह क्यों पेश नहीं हो पा रहे।

बता दें कि इस मामले में कुल 19 गवाह बनाए गए थे, जिनमें से अब तक मात्र छह गवाह पेश हुए हैं और 13 लोगों की गवाही होना शेष है। जिसके लिए लगातार पुलिस को सूचना भेजे जाने के बाद भी गवाह पेश नहीं हो रहे।
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बन्नादेवी के नगला कलार में 17 अप्रैल 2013 की रात छह साल की बिटिया की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। इसके अगले दिन हुए प्रदर्शन में पुलिस बर्बरता पर तत्कालीन सीओ को शासन ने निलंबित किया था और सुप्रीम कोर्ट तक ने मामले में स्वत: संज्ञान लिया था।

केस इतना चर्चित होने के बाद भी पुलिस का रवैया मामले में लचर होता जा रहा है। अदालत में मुकदमे का सत्र परीक्षण शुरू हो गया। पुलिस द्वारा बनाए गए 19 गवाहों में से मात्र छह गवाह पेश हुए।

इसके बाद अब तक 115 के करीब तारीखें पड़ गईं। मगर अन्य गवाह पेश नहीं हो रहे। सभी 13 गवाहों के वारंट जारी हैं। मगर थाना पुलिस भी गंभीरता से नहीं ले रही। इस मामले में आज मंगलवार को सुनवाई के बाद अदालत ने इंस्पेक्टर बन्नादेवी को नोटिस जारी किया है। इस बात की पुष्टि अधिवक्ता वीरपाल सिंह जादौन ने की है।

रॉबिन प्रधान को पेशी पर सुरक्षा के आदेश
महानगर से सटे देवसैनी के पूर्व प्रधान रॉबिन ने खुद की सुरक्षा को खतरा बताते हुए अदालत में अर्जी लगाई थी। इस पर अदालत ने उचित सुरक्षा के बीच उसे कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। बता दें कि रॉबिन की गांव के ही सजल से रंजिश चल रही है। पिछले दिनों वह सजल के चचेरे भाई रामू की हत्या में जेल गया था। इसके बाद से वह जेल में है। उसकी ओर से अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में यह अर्जी सीजेएम न्यायालय में लगाई गई कि उसे जान का खतरा है। इस पर कोर्ट ने पुलिस को उचित सुरक्षा में कोर्ट में पेशी के आदेश दिए हैं।
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गुड्डू मास्टर हत्याकांड में नीरू टाइगर की जमानत खारिज
महानगर के छर्रा अड्डा पुल पर दिसंबर 2016 में हुई शिक्षक नेता जितेंद्र उर्फ गुड्डू मास्टर हत्याकांड में साजिश के आरोपी जेल में निरुद्ध नीर प्रकाश उर्फ नीरू टाइगर की जमानत अपर सत्र न्यायालय से खारिज कर दी गई है। इस मामले में अन्य आरोपियों की जमानतें पूर्व में खारिज हो चुकी हैं। चूंकि नीरू पहले से जेल में था और उस पर साजिश का आरोप था। उसकी ओर से जमानत दायर की गई, जिसे एडीजे-6 के न्यायालय से खारिज कर दिया गया है। एटा चुंगी निवासी गुड्डू की हत्या पैतृक गांव नगरिया पट्टी चाहरम अकराबाद की प्रधानी की रंजिश में की गई थी।
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