क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
दहेज हत्या के मुकदमे में एडीजे तृतीय संजय कुमार सप्तम के न्यायालय से पति को उम्रकैद की सजा और 12 हजार रुपये का जुर्माना व सास-ससुर और जेठ को सात-सात साल की सजा तथा सात-सात हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी तेजवीर सिंह चौहान ने बताया कि क्वार्सी के ईकरी निवासी बनी सिंह ने 30 मई 2015 को दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि उसने चार साल पहले अपनी दो बेटी पिंकी व बंटी की शादी हरदुआगंज के गांव कोंडरा निवासी सगे भाई ब्रजेश व सौदान के साथ की थी।
शादी के बाद ससुरालियों ने दहेज के लिए उत्पीड़न शुरू किया तो उसकी बेटी बंटी अपने पति ब्रजेश के साथ अलग रहने लगी। जबकि छोटी बेटी पिंकी पति सौदान के साथ ससुराल में ही रहती रही।
आरोप है कि ससुरालियों ने दहेज में भैंस व अपाचे बाइक की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। जब मांग पूरी नहीं हुई तो उसकी बेटी का गला घोंटकर हत्या कर दी।
इस मामले में मृतका के पिता ने पति सौदान, ससुर गोपाल, सास गायत्री, जेठ महेश व ननद गुड़िया को नामजद किया। कोर्ट में चले सत्र परीक्षण ननद को बरी करते हुए न्यायाधीश ने पति, ससुर, सास व जेठ को सजा सुनाई है।