सबके साथ मिलकर करेंगे महाविद्यालय का विकास
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
‘सबके साथ महाविद्यालय का विकास’ फलसफे पर डॉ. पंकज कुमार वार्ष्णेय काम करेंगे। वह एसवी कॉलेज के अगले प्राचार्य होंगे। प्राचार्य डॉ. गोपाल बाबू 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। कॉलेज की तरक्की और साथी शिक्षकों में समन्वय को लेकर अगले प्राचार्य के दिल-ओ-दिमाग में क्या चल रहा है? कॉलेज में नए कोर्स लाने का उनका क्या रोडमैप है? भविष्य की योजनाओं को लेकर अमर उजाला ने डॉॅ. पंकज कुमार से बातचीत की। पेश है उसके मुख्य अंश...।
सवाल : आपकी भूमिका कैसी होगी?
जवाब : निसंदेह एक अभिभावक की तरह, जिसके लिए सब एक समान होते हैं। ‘सबके साथ महाविद्यालय का विकास’ पर नजर होगी।
सवाल : नए कोर्स लाने की पहल होगी?
जवाब : बिल्कुल। हमारे पास संसाधन हैं, जिनका बखूबी इस्तेमाल करेंगे। बीए एलएलबी, एलएलएम, एमएससी सहित कई नए कोर्स लाने की कोशिश की जाएगी।
सवाल : कॉलेज में सबसे बड़ी समस्या क्या मानते हैं?
जवाब : सबसे बड़ी समस्या शिक्षकों की कमी है। हालांकि, शिक्षकों की तैनाती हो रही है, लेकिन जिस अनुपात में शिक्षक रिटायर हो रहे हैं, उस अनुपात में आ नहीं रहे हैं। बहरहाल, कॉलेज प्रबंध समिति के पदाधिकारी इस मसले पर उपाय सुझाएंगे।
सवाल : बास्केटबॉल कोर्ट और दूसरे मैदान की दुर्दशा से मुक्ति मिलेगी?
जवाब : मुझे इसकी जानकारी है। कोर्ट की सूरत बदलेगी। मैदान का भी कायाकल्प होगा। इंडोर खेलों के व्यापक बंदोबस्त होंगे।
कौन हैं डॉ. पंकज वार्ष्णेय
वाणिज्यिक विभाग में 1989 में बतौर लेक्चरर डॉ. पंकज कुमार वार्ष्णेय की नियुक्ति हुई थी। उन्होंने 1985 में एमकॉम की डिग्री ली थी, जबकि 1988 में डॉ. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी आगरा से पीएचडी की उपाधि ली थी। विभाग में अब वह एसोसिएट प्रोफेसर हैं। वह कॉलेज की समितियों में शुरू से ही जिम्मेदारी संभालते रहे हैं। उन्होंने अपने गाइडेंस में 17 शोध विद्यार्थियों को शोध कराया है। उनके रिसर्च पेपर जनरल में छपते रहे हैं।