न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होली का दहन किया जाता है। इस बार 20 मार्च को सुबह 10:44 बजे से पूर्णिमा तिथि लग रही है। जो अगले दिन गुरुवार को सुबह 7:12 तक मान्य रहेगी, लेकिन इस दिन में भद्रा भी लग रही है। भद्रा में होलिका का दहन वर्जित होता है।
ऐसे में फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को भद्रा समय निकलने के बाद होलिका का दहन किया जाएगा। भद्रा के बाद बुधवार को रात 8:59 से होलिका दहन का शुभ मुहूर्त प्रारंभ हो रहा है।
श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि 20 मार्च बुधवार को होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त रात 8:59 से रात 12:35 बजे तक रहेगा।
इसी समय में शुभ एवं अमृत के चौघड़िया मुहूर्त चल रहे होंगे। जो होलिका दहन के लिए शुभ एवं उत्तम मुहूर्त हैं।
इस समय के अलावा गुरुवार सुबह 5:05 बजे से लेकर 6:45 तक लाभ का बेहतरीन विश्व प्रसिद्ध चौघड़िया मुहूर्त उपलब्ध रहेगा। जो घर परिवार की होलिका दहन के लिए बहुत ही शुभ फलदायक माना जाता है।
भद्रा में वर्जित है होलिका दहन
20 तारीख को सुबह 10:44 से लेकर रात 8:59 तक भद्रा काल रहेगा। ऐसे में इस समय में होलिका दहन नहीं होगा।
इसके बाद में होलिका दहन का शुभ समय शुरू हो जाएगा। ध्यान रहे कि भद्रा में होलिका दहन करने से जनसमूह का नाश होता है।
प्रतिपदा चतुर्दशी भद्रा और दिन में होलिका जलाना सर्वथा त्याग योग्य है। संयोगवश यदि होलिका जला दी जाए तो वहां के राजा, राज, नगर और मनुष्य अद्भुत उत्पादों से एक ही वर्ष में हीन हो जाते हैं।