न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
गुजरा वर्ष हरदुआगंज तापीय विद्युत परियोजना के लिए बेहद शानदार उपलब्धि दर्ज कराकर गया है। तापीय परियोजनाओं के लिए कई तरह के गतिरोधों के बाद भी पावर हाउस ने अपने कोयले की खपत में 2.40 फीसदी की कमी की है।
परियोजना के महाप्रबंधक रविंद्र कुमार वाही ने बताया कि 2.40 फीसदी की कोयले की खपत में कमी करके 48 हजार टन कोयले को बचाया गया है। जिससे परियोजना के करीब 21.5 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल 660 मेगावाट की नई यूनिट के निर्माण का काम बीच में कुछ कारणों से धीमा हो गया था। अब निर्माण का काम तेजी से चल रहा है।
इसके पूरा हो जाने के बाद न सिर्फ बिजली उत्पादन में इजाफा होगा, बल्कि आसपास के क्षेत्र के लिए रोजगार का भी सृजन होगा। पर्यावरणीय मुद्दे और अन्य कारणों से तापीय परियोजनाओं को बेहद विपरीत परिस्थितियों से गुजरना पड़ रहा है।
इसके बाद भी हरदुआगंज तापीय परियोजना का यह प्रदर्शन बेहद शानदार है। उन्होंने इसके लिए परियोजना से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी है।