यूनियन हॉल पर कब्जे के लिए ‘शह और मात’ का खेल शुरू
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट यूनियन पर कब्जा जमाने के लिए ‘शह और मात’ का खेल शुरू हो गया है। इंतजामिया से 30 अक्तूबर तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति और उसके 13 दिन के अंदर चुनाव प्रक्रिया पूर्ण करने का लिखित आश्वासन मिलने के बाद यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले दिग्गज सीनियर एवं पूर्व छात्र भी सक्रिय हो गये हैं। अभी तक उपाध्यक्ष व सचिव पद पर सबसे अधिक नामों की चर्चा है। छात्र नेता क्षेत्रीय संतुलन भी साधने की कोशिश कर रहे हैं।
वीसी लॉज के सामने पांच दिन धरना देने के बाद छात्रों को इंतजामिया से चुनाव से संबंधित तिथि का लिखित आश्वासन मिल चुका है। शनिवार को धरना खत्म होने के बाद छात्र चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं।
छात्र संघ के अंतर्गत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और 10 कैबिनेट सदस्यों का चुनाव होता है। एएमयू वीमेंस कॉलेज में अलग से स्टूडेंट यूनियन व कैबिनेट सदस्यों का चुनाव होता है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक संकाय के एक-एक कोर्ट सदस्य चुने जाते हैं। कोर्ट सदस्य एएमयू छात्र संघ का पार्ट नहीं होते।
कैंपस में अब तक सबसे अधिक सचिव एवं उपाध्यक्ष पद के दावेदारों के नामों की चर्चा है। सचिव पद के लिए इमरान खान, अदनान अमीर और फहद आदि नामों की चर्चा है। जबकि उपाध्यक्ष पद पर एजाज मलिक, मो. गजनवी, वसील के, फैसल नदीम आदि के नामों की चर्चा है। अध्यक्ष पद पर अभी तक मस्कुर अहमद उस्मानी के नाम को लेकर चर्चा है। हालांकि अभी किसी भी प्रत्याशी का नाम फाइनल नहीं है।
चुनाव मैदान में कूदने वाले प्रत्याशी एवं उनको चुनाव लड़ाने वाले दिग्गज अभी क्षेत्रीय संतुलन बनाने में जुटे हैं और उसके बाद ही नामों की अधिकारिक घोषणा करेंगे। बिहार, आजमगढ़, गाजीपुर, गोंडा, बस्ती, सिद्धार्थनगर (जीबीएस), सहारनपुर, अलीगढ़, बंगाल, असोम और जम्मू कश्मीर आदि के छात्र चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। सामान्यत: बंगाल एवं जम्मू कश्मीर के छात्र अपना प्रत्याशी नहीं उतारते। वह किसी का सपोर्ट कर देते हैं।
10 नवंबर तक चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने की उम्मीद है। छात्र नेता मो. हसीर खान ने बताया कि इंतजामिया से आश्वासन के बाद छात्र नेताओं ने तैयारी शुरू कर दी है। छात्र एवं सीनियर्स से संपर्क कर रणनीति बना रहे हैं।