फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सांकरा में गंगा का जलस्तर बढ़ा, अलर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
सांकरा में गंगा का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट
विज्ञापन


ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।

अतरौली।
बारिश होने के साथ नदियां उफान पर हैं। गंगा में जलस्तर अचानक बढ़ गया है। पानी खतरे के निशान सांकरा के टॉवर तक पहुंचते हुए आबादी तक लग गया है। फसलें पानी में डूबकर बेकार हो गई हैं। यदि अब जलस्तर और बढ़ा तो पानी आबादी के बीच घुस जाएगा। इससे गंगा के तटवर्ती गांवों के लोगों की बैचेनी भी बढ़ने लगी है। फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन बाढ़ की आशंका से ग्रामीण भी सतर्क हैं और प्रशासन भी। रविवार को नरौरा से 77 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। एक लाख क्यूसेक से ऊपर जाने के बाद बाढ़ की स्थिति शुरू हो जाती है।
ये गांव होते हैं बाढ़ से प्रभावित
गंगा में बाढ़ आने से सांकरा और उसके आसपास के शीशई, टोडरपुर, दीनापुर, रुस्तमनगर, किरतोली, गहतोली गंग, सीकरी, हमीरपुर, बबरौतिया और हारनपुर आदि गांव सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। कई गांवों के लोगों को तो पलायन तक करना पड़ जाता है।
विज्ञापन

बाढ़ चौकियां बनीं राजस्व टीम तैयार
जगह जगह बाढ़ चौकियां बना दी गई हैं। लेखपाल और कानूनगो की ड्यूटी लगाई गई है। प्रशासन हर वक्त नजर बनाए हुए हैं। एसडीएम शिवकुमार व तहसीलदार राजेश कुमार भी क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं।
श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज में बना कंट्रोल रूम
सांकरा के श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज में कंट्रोल रूम बना दिया गया है। यहां हर प्रकार की राहत सामग्री मौजूद रहेगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम दवा आदि लेकर यहां मौजूद रहेगी। स्थित पर निगरानी और जिला, तहसील स्तर पर पल पल की जानकारी पहुंचाने के लिए लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही बाढ़ पीड़ितों को यहीं ठहराया जाएगा।
किसानों की फसलें पानी में डूबने से नुकसान
पानी अभी आबादी में नहीं घुसा है। मगर फसलें पूरी तरह से पानी में डूब गई हैं। मक्का, बाजरा की फसल बिल्कुल बेकार हो गई हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
- प्रशासन हर स्थिति से निपटने को तैयार है। बाढ़ का पानी खतरे के निशान से अभी नीचे है। लेखपाल-कानूनगो को क्षेत्र में ही रहने के आदेश दिए हैं। कंट्रोल रूम और बाढ़ चौकियों से कर्मचारियों के साथ प्रशासन नजर बनाए हुए है। स्वास्थ्य टीम भी मौजूद रहेगी। - राजेश कुमार, तहसीलदार
- पानी खतरे के निशान सांकरा के टॉवर से लग गया है। अब यहां से बाढ़ की स्थिति पैदा होने लगी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम तैयार रहे। किसानों का काफी नुकसान हुआ है। - श्रीभगवान गुप्ता
विज्ञापन

- बाढ़ प्रभावित गांवों का अधिकारी लगातार दौरा करते रहें। जिससे कि बाढ़ की स्थिति पैदा होने पर तत्काल लोगों को राहत मिल सके। किसानों को नुकसान का मुआवजा भी सरकार दे। - चौ. कृष्णगोपाल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें