बीस साल बाद भी 300 रुपये पैकेट आलू
ब्यूरो, अमर उजाला, गोंडा (अलीगढ़)।
मंगलवार को नगला बलराम स्थित इंटर कालेज में आयोजित भारतीय किसान यूनियन की पंचायत में किसान नेताओं ने कहा कि देश के भाग्य विधाता का बड़ा दुर्भाग्य है कि 20 साल पहले 300 रुपये पैकेट आलू बिकता था, और आज भी 300 रुपये से कम दाम पर प्रति पैकेट आलू बिक रहा है।
ऐसा क्यों है? रिकार्ड महंगाई और हर सामान महंगा होने के बावजूद किसान की फसल का दाम 20 साल पहले वाला है तो अन्नदाता कहां से मजबूत होगा?
किसान पंचायत में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद ऊधम सिंह ने कहा कि उद्योगपतियों का कर्ज चुपचाप सरकारें माफ कर देती हैं। सरकारी कर्मचारियों के वेतनवृद्धि से सरकारी खजाने पर बोझ नहीं बढ़ता, लेकिन किसान का कर्ज माफ करने से केंद्र और प्रदेश सरकारों में खलबली मच जाती है।
सांसद-विधायकों के वेतन भत्ते मनमानी बढ़ा लिए जाते हैं। विकास के नाम पर निधि दी जा रही है, क्यों? इन्हीं मुद्दों पर 18 जून को भ्यामल खेड़ा मंदिर में पंचायत की घोषणा की गई। इसके लिए किसान संघर्ष समिति का गठन कर राज सिंह को अध्यक्ष बनाया गया है।
पंचायत की अध्यक्षता बीरी सिंह व संचालन बीरेंद्र सिंह ने किया। चेतन महाराज, हरपाल सिंह भारत सिंह, रामवीर सिंह, इदरीश मोहम्मद, केवल सिंह, महेंद्र सिंह, जगराम सिंह, उदयवीर सिंह, हरीराज सिंह, रमेश चंद्र, नैपाल सिंह, बीरी सिंह, मोहन सिंह, सतेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया।