खेरेश्वर धाम चौराहे पर लॉकडाउन के आठवें दिन हाईवे पर पसरा सन्नाटा ।
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कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन तोड़ने और इसके तीसरे चरण को निष्प्रभावी बनाने के लिए लागू लॉकडाउन के दसवें दिन बाईपास से लेकर शहर के अंदर तक सन्नाटा पसरा है। इक्का-दुक्का ही कामगार बाईपास से निकल रहे हैं, जिनको शिविरों में रोका जा रहा है। मंगलवार को खेरेश्वर धाम चौराहा, जीटी रोड हाईवे पर हालात सामान्य हो गए थे। पुलिस ने बेवजह सड़क पर घूमने वाले, सुबह 11 बजे के बाद अनावश्यक रूप से वाहनों पर निकलने वालों पर सख्ती बढ़ा दी है। अलग-अलग स्थानों पर ऐसे लोगों पर डंडे भी फटकारे। मजिस्ट्रेट ड्यूटी में तैनात अधिकारियों ने दुकानदारों से लेकर ग्राहकों तक सभी को सोशल डिस्टेंसिंग में रहने की ताकीद की। जिला प्रशासन ने कालाबाजारी रोकने में दम लगा दिया है, जिससे खाने-पीने की आवश्यक वस्तुओं के दाम नियंत्रित रहें। वाणिज्य कर, बांट माप, जिला पूर्ति विभाग सहित अन्य विभागों को इस ड्यूटी पर लगाया गया है।
जिले में मार्च महीने में बाहर से आने वाले लगभग 13 हजार 354 लोगों को उनके ही घर पर क्वारंटीन कराया है, जिससे वह बेवजह दूसरों के संपर्क में न आएं। वह भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें। इसी तरह से एहतियातन यहां के 3,346 लोगों को भी क्वारंटीन किया गया है, जो किसी भी तरह के बुखार, खांसी जुकाम या अन्य किसी बीमारी से ग्रसित है। नगर निगम और आईएमए के संयुक्त प्रयास से स्थापित टेली मेडिसिन कॉल सेंटर में ऐसे में लोगों को फोन पर दवाओं का सुझाव देकर भी इलाज दिया जा रहा है।
इधर, एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में आने वाले कोरोना संक्रमण जांच के नमूनों की संख्या बढ़ती जा रही है। यहां अब तक 437 मरीजों की जांच हुई है, जिसमें 33को कोरोना संक्रमण पाया गया है। ये सभी मरीज अलीगढ़ से बाहर के है, जिनके नमूने यहां जांच के लिए अलग-अलग अस्पतालों से आए हैं। मंगलवार को कोरोना संक्रमण के दो नए मामले सामने आए हैं, यह दोनों ही नोएडा के हैं। इसके अलावा मुरादाबाद, बुलंदशहर और आगरा का एक एक मामला और जांच में मिला है। इस तरह जेएन मेडिकल कॉलेज में नोएडा के कोरोना संक्रमण के पुष्ट केसों की संख्या 30 हो गई है। अब तक कुल 33 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं।
अलीगढ़ में स्थानीय स्तर पर अभी तक एक भी कोरोना का पॉजिटिव केस नहीं है। मेडिकल कॉलेज में भी किसी कोरोना मरीज का उपचार नहीं हो रहा है, केवल जांच हो रही है। अलीगढ़ में अब तक विदेश से आए 150 से अधिक लोगों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर है। कई लोगों के घर के बाहर पोस्टर भी चिपकाए गए हैं जिसमें होम क्वारंटीन का आदेश दिया गया है। वहीं, एएमयू के जेएन मेेडिकल कॉलेज की रेजीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन ने कहा है कि अगर उनको बेहतर उपकरण और बचाव उपकरण नहीं दिए गए तो वह कोरोना संदिग्ध मरीजों का उपचार नहीं करेंगे।
इधर, दिल्लीके निजामुद्दीन इलाके में एक जमात में शामिल हुए तकरीबन 2000 लोगों में 200 को कोरोना वायरस होने की सूचना से अलीगढ़ प्रशासन भी चिंतित है। जिला प्रशासन ऐसे लोगों की पहचान करा रहा है कि उनमें से कोई कोरोना का संदिग्ध तो नहीं है। एडीएम प्रशासन कृष्ण लाल तिवारी के मुताबिक दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से आए लोगों का टेस्ट कराया जाएगा। अगर कोई भी लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें क्वारंटीन किया जाएगा।