न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
फरवरी 2018 में इंतकाल होने के सवा वर्ष बाद सपा के संस्थापक सदस्यों में शुमार पूर्व कबीना मंत्री एवं पयर्टन विभाग के सलाहकार स्व. ख्वाजा हलीम को भारत रत्न डा. राधाकृष्णन गोल्ड मेडल अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
तामिलनाडु की संस्था ग्लोबल इक्नामिक प्रोग्रेस एंड रिसर्च एसोसिएशन तिरुवन्नामलई की ओर से बंगलुरू के होटल संक्टुम मैन, शैशादरी रोड आनंद राव सर्किल में गत दिनों हुई नेशनल यूनिटी कांफ्रेंस में स्व. ख्वाजा हलीम की पत्नी नसरीन ख्वाजा, बेटी रूबी ख्वाजा और बेटे जिबरान ख्वाजा नेे ये अवार्ड ग्रहण किया।
नेशनल इंटीग्रेटी ऑफ अवर कंट्री की थीम पर हुए इस चयन पर तमिलनाडु के मंत्री, पूर्व न्यायाधीश, गवर्नर, वाइस चांसलर और राष्ट्रीय नेताओं ने ख्वाजा हलीम के नाम पर मुहर लगाई थी। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजी राव शेखरन ने उनके परिजनों को अवार्ड दिया इस मौके पर रुबी ख्वाजा को अगले वर्ष के अवार्ड के लिए दो नामों की पेशकश करने की जिम्मेदारी दी गई।
मंगलवार को बरगद हाउस में हुई पत्रकार वार्ता में जिबरान हसन ने बताया कि पहले उत्तर प्रदेश सरकार में उद्योग मंत्री और बाद में पयर्टन विभाग के सलाहकार रहने के दौरान उनके द्वारा अक्षरधाम मंदिर करे लीज पर जमीन देने, मथुरा के मंदिरों के लिए संसाधन बढ़ाने, नोएडा का विकास करने, सड़कों का जाल बिछाने, यूपीएसआईडीसी में पारदर्शिता के लिए ये अवार्ड दिया गया है। एसोसिएशन की ओर से कई मानकों पर परखे जाने के बाद उनको ये अवार्ड दिया गया है।