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एएमयू के पूर्व छात्र अब संसद में करेंगे अल्पसंख्यक स्वरूप की वकालत

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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नरेंद्र मोदी लहर की दिशा मोड़कर पांच अलीग सहित 27 मुस्लिम इस बार संसद भवन पहुंचने में कामयाब हुए हैं। खास बात यह भी है कि इसमें से 6 उत्तर प्रदेश से हैं। एएमयू से यह भी दावा किया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एवं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की इज्जत मुसलमानों ने बचाई है।

2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से एक भी मुस्लिम संसद भवन में नहीं पहुंच सका था। इस बार 6 मुस्लिमों के सांसद निर्वाचित होने पर एएमयू में खुशी का माहौल है। सबसे खास बात यह है कि देश भर से संसद निर्वाचित होने वाले 27 मुस्लिमों में 5 एएमयू के पूर्व छात्र हैं। इस बार सांसद निर्वाचित एएमयू के पूर्व छात्रों में डॉ. एसटी हसन, आजम खां, फजलुर्रहमान (तीनों उत्तर प्रदेश), फारूक अब्दुल्लाह (कश्मीर) एवं चौधरी महबूब कैसर अली (बिहार) शामिल हैं।
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एएमयू टीचर्स एसोसिएशन के महासचिव प्रो. नजमुल इस्लाम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित नवनिर्वाचित तमाम मुस्लिम सांसदों को बधाई दी है। उनका कहना है कि इस बार 6 मुस्लिमों का संसद का पहुंचना बड़ी बात है। यहीं नहीं जमाने बाद संसद भवन में 27 मुस्लिम पहुंचे हैं। यह नफरत फैलाने वालों के मुंह पर तमाचा है, क्योंकि उन्होंने सभी जाति एवं धर्म के लोगों का मत हासिल कर विजयी हुए हैं। उम्मीद है सभी मिल जुलकर देश में भाईचारा को बढ़ावा देंगे और हिंदुस्तान को सुपर पॉवर बनाने में मददगार बनेंगे।
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एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन का कहना है कि अब संसद में एएमयू अल्पसंख्यक स्वरूप का मामला दमदारी से उठने की संभावना है। उन्होंने कहा कि खुशी की बात है कि मौजूदा हालात से मुसलमानों ने बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने कहा कि वायनाड में राहुल गांधी एवं आजमगढ़ में अखिलेश यादव की इज्जत मुसलमानों ने बचाई है।
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