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और .. वो कान्हा के प्यार में रानी से बन गई मीरा

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
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कृष्ण भक्त मीरा की कहानी तो आप सब ने सुनी होगी, लेकिन यहां भी एक युवती कान्हा के प्यार में मीरा बन गई। वह कान्हा की भक्ति में इतना डूब गई, कि वह अपनी सुधबुध खो बैठी। अब दिन हो या रात, सुबह हो या शाम वह हर भक्त कान्हा की प्रतिमा को अपने साथ लेकर उसका नाम जप रही है। कह रही है कि कान्हा उसे बुला रहे हैं।

गौरतलब हो कि बिसावर के माजरा तिल्हू से दो दिसंबर को 22 वर्षीय एक युवती कु. रानी घर से शौच के लिए गई थी, लेकिन वह घर नहीं लौटी। रानी की गुमशुदगी की रिपोर्ट उसके पिता सुरेशचंद्र ने तीन दिसंबर को दर्ज कराई थी। रानी के न मिलने से परिजन काफी परेशान थे।
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शुक्रवार को रानी के परिजन उसे ढूंढते हुए वृंदावन पहुंचे, वहां उन्होंने पूरा परिक्रमा मार्ग से लेकर सभी देवी देवताओं के मंदिरों को छान मारा, आखिरकार उन्हें सफलता मिल ही गई। रानी वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में मिल गई, लेकिन परिजनों ने उसका जो रूप देखा, वह अलग ही था।

रानी पूरी तरह से कान्हा की भक्ति में डूबी हुई थी। वह कान्हा की एक प्रतिमा को साथ लेकर बस कान्हा कान्हा जपे जा रही थी। उसे न तो अपनों के आने का भान था और न ही सांसरिक जीवन से कोई मतलब। मंदिर के महंत पुजारियों ने भी परिजनों को बताया कि जिस दिन से वह मंदिर में आई है, बस कृष्ण कन्हैया का नाम जप रही है।
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ऐसी भक्त लड़की को उन्होंने पहली बार देखा है। रानी का भाई ईश्वरचंद्र और मामा बांके बिहारी गौतम किसी प्रकार रानी को मंदिर से सादाबाद वापस ले आए और सादाबाद थाने पर पहुंच कर रानी के बांके बिहारी मंदिर में मिल जाने की सूचना दी।

ईश्वरचंद्र ने बताया कि उसकी बहन रानी पूजा पाठ अधिक करती थी, लेकिन कान्हा की भक्ति में वह इस प्रकार डूब जाएगी, यह उसने नहीं सोचा था।
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