एएमयू रैकिंग को लेकर दो दिग्गज शिक्षक नेता आमने-सामने
ब्यूरो,अमर उजाला,अलीगढ़।
एएमयू की रैकिंग को लेकर अमुटा के निवर्तमान सचिव मुस्तफा जैदी एवं पूर्व सचिव डॉ. मो. शाहिद आमने-सामने आ गए है। डॉ. शाहिद ने मुस्तफा जैदी द्वारा रैकिंग पर सवाल उठाए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और उन्हें एएमयू का दुश्मन करार दिया है।
टाइम्स हायर एजूकेशन द्वारा हाल ही में विश्वविद्यालयों की रैकिंग जारी की गई थी। इसमें एएमयू प्रशासन द्वारा एएमयू को नंबर वन रैंक पर दर्शाया गया जबकि मुस्तफा जैदी टाइम्स हायर एजूकेशन की रैंकिंग के आधार पर ही दावा किया कि एएमयू नंबर वन रैंक पर नहीं है। इससे नाराज अमुटा के पूर्व सचिव एवं पूर्व ईसी सदस्य डॉ. शाहिद ने मुस्तफा जैदी के बयान की भर्त्सना की।
गूगल का हवाला देते हुए डॉ. शाहिद ने कहा कि एएमयू नंबर वन पर है। जबकि एक अंग्रेजी अखबार के हवाले से कहा कि इसमें एएमयू को नंबर टू दिखाया गया है। पहले स्थान पर जाधवपुर विश्वविद्यालय है।
डॉ. शाहिद का कहना है कि मुस्तफा जैदी की पूर्व वीसी ले. जनरल जमीरउद्दीन शाह (सेवानिवृत्त) से लड़ाई थी। इसलिए बयान देकर अपनी खीझ मिटाना चाहते है।
अमुटा सचिव रहते हुए उन्होंने एएमयू के हितों के खिलाफ काम किया। यहां तक कि एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप की मुखालफत की। वह आज भी एएमयू के खिलाफ काम कर रहे हैं। वहीं मुस्तफा जैदी का कहना है कि डॉ. शाहिद जैसे शिक्षकों के कारण ही शिक्षक बदनाम हो रहे है।
बिना पढ़े कुछ भी बोल देते है। वह टाइम्स हायर एजूकेशन की रिपोर्ट को विस्तार से पढ़े तो हकीकत समझ में आएगी। हमने तो सच्चाई बताकर यूनिवर्सिटी की नाक बचाई है। उन्होंने कहा कि जनरल शाह के जमाने में शिक्षकों की क्या स्थिति थी, इससे डॉ. शाहिद ही नहीं बल्कि शिक्षक बिरादरी अच्छी तरह अवगत है।
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