उखड़े हुए रामघाट रोड पर केवल तालानगरी यूपीएसआईडीसी के डेढ़ किमी के इलाके में 15 स्पीड ब्रेकर लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गये हैं। पहले से ही इस सड़क पर दर्जनों गड्ढे हैं। ये गड्ढे ही इतने गहरे हैं कि वाहन बेहद मामूली सी स्पीड पर चल पाते हैं और वाहनों के पलटने का डर बना रहता है।
उस पर इस रोड पर बना डिवाइडर आये दिन भारी वाहनों से टूट जाता है, जिससे अंधेरे में इसके पत्थर भी नहीं दिखाई देते। रात के वक्त इस सड़क पर गड्ढे, स्पीड ब्रेकर और डिवाइडर वाहन सवारों के लिए जान का खतरा बन गये हैं।
आलम ये है कि कुछ स्पीड ब्रेकर तो निजी स्तर पर बन गये हैं। जिसका किसी विभाग को कोई पता ही नहीं है। रामघाट रोड पर यूपीएसआईडीसी का क्षेत्र शुरू होते ही ये स्पीड ब्रेकर शुरू हो जाते हैं और सेक्टर एक के चौराहे तक एक के बाद एक लगातार आते जाते हैं।
दोनों ओर की सड़क में इनकी संख्या लगभग 15 है। अब उखड़ी हुई ऊबड़खाबड़ सड़क पर 15 स्पीड ब्रेकर कैसे बन गये..? इसका जवाब अधिकारी भी नहीं दे पा रहे हैं। इस सड़क की ये बदहाली तब है, जब प्रदेश के शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के पैतृक गांव मढ़ौली को जाती है।
इस सड़क से पूर्व सीएम एवं राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह, एटा सांसद राजवीर सिंह राजू का आना जाना लगा रहता है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 15 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का एलान किया था। इसके बाद ये तारीख 30 जून तक बढ़ा दी गई। इस मियाद के बाद भी जुलाई गुजर गया और अगस्त के तीन दिन बचे हैं और ये सड़क हर दिन के साथ नये गड्ढों में धंसती जा रही है।
स्पीड ब्रेकर उस वक्त बनाए गए थे जब रोड डिवाइडर बनाया जा रहा था केवल दो स्पीड ब्रेकर एडीए की ओर से बनवाये गये हैं। बाकी किसी ने निजी स्तर से बनाया है तो उसको देख कर हटवाया जाएगा। सोमवार को निरीक्षण होगा।
डीएस भदौरिया, सचिव अलीगढ़ विकास प्राधिकरण
पुराने स्पीड ब्रेकर पीडब्ल्यूडी ने बनवाये थे जो सड़क उखड़ने के साथ ही टूट गए थे। बाद में इनको ठीक कराया गया, लेकिन अभी नये स्पीड ब्रेकर एडीए की ओर से बनवाये गये हैं। सड़क बनवाने के लिए बजट का इंतजार है।
अल हसन मंसूर सिद्दीकी, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी