बैक डेट में दागियों को दे दिए फिर से टेंडर
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़ ।
स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न कार्यों के लिए पिछले दिनों उठाए गए ठेकों के विवाद में आने के बाद शासन ने सभी मदों में फिर से टेंडर के निर्देश दिए थे, लेकिन विभाग ने इस आदेश का शासनादेश आने से पहले ही पिछली तारीखों में वह सभी टेंडर फिर से अपने चहेते ठेकेदारों को उठा दिए। इस पूरे मामले में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के नेता अमित कुमार सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया है।
पत्र में कहा गया है कि स्वास्थ्य विभाग में दवा खरीद, वाहनों का अनुबंध, भवनों के रखरखाव, रंगाई पुताई, सफाई कर्मचारियों के साथ अनुबंध, मरीजों को दिया जाने वाला भोजन आदि के टेंडर किए जाते हैं, लेकिन यह पाया गया कि पिछले 20 सालों से स्वास्थ्य विभाग में एक खास किस्म की लॉबी कब्जा किए हुए है। भाजपा युवा मोर्चा द्वारा इसकी शिकायत स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से की गई और शासन को भी संबंध में अवगत कराया गया। इसके बाद शासन स्तर से पुराने सभी टेंडर शून्य मानते हुए फिर से टेंडर करने का फैसला लिया गया।
इस संबंध में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के पास शासनादेश आता, इससे पहले ही वह सभी टेंडर उन्हीं दागी ठेकेदारों को दे दिए गए। पत्र में यह भी कहा गया है कि दवाओं के मद में ढाई करोड़ रुपये भुगतान करने की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
इसके अलावा शासन की तबादला नीति के अंतर्गत आने वाले बाबुओं की सूची भी अभी तक तैयार नहीं की गई है, जबकि विभाग में 20-20 साल से कुछ बाबू एक ही पटल पर जमे पड़े हैं। पत्र में यह भी कहा गया है शासन के निर्देश हैं कक्ष में बैठने वाले डॉक्टर अपने नाम के साथ फोटो भी लगाएंगे, जिससे मरीजों को सुविधा रहे, लेकिन यह व्यवस्था भी अभी लागू नहीं की गई है। अमित कुमार सिंह कहते हैं पत्र की एक प्रति वह 5 जून को मुख्यमंत्री को स्वयं सौंपेंगे।