उद्घाटन समारोह में मंचीय कार्यक्रम से पहले प्रभारी मंत्री ने मित्तल गेट पर नुमाइश का फीता काटा और शांति के प्रतीक कबूतर उड़ाए। साथ में गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। दरबार हॉल में ध्वजारोहण संग राष्ट्रगान हुआ और नीरज शहरयार पार्क में दोनों प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। शहीद स्तंभ पर शहीदों को नमन किया गया। साथ में अतिथियों ने जनप्रतिनिधियों संग ढोल बजाकर आयोजन के आगाज की घोषणा की। बाद में भाजपा शिविर में पहुंचकर जनसंघ संस्थापक के चित्र पर पुष्प चढ़ाए गए।
पहली बार खोला गया विशाल ताला
नुमाइश में प्रति वर्ष लगने वाले उद्योग मंडप का पहली बार विशाल ताला खोलकर शुभारंभ किया गया। 150 किलो वजनी ताले को यहां रखा गया था। प्रभारी मंत्री ने ताले की चाभी घुमाकर उद्योग कक्ष की शुरुआत की। साथ में कृषि कक्ष का निरीक्षण का उसका शुभारंभ किया। दोनों जगहों पर स्टॉलों पर भी जानकारी ली।
प्रभारी अधिकारी ने बताईं इस बार की खूबियां
नुमाइश प्रभारी अधिकारी एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट ने कहा कि देश के सभी प्रांतों के खानपान, पहनावे व परंपराओं का समागम ही नुमाइश है। उन्होंने 28 दिन तक लगने वाली नुमाइश की इस बार की खूबियों के विषय में बताया।
नुमाइश शुभारंभ के दौरान मीडिया से बातचीत में मंत्री चौ. लक्ष्मी नारायण ने कहा कि पूर्व सीएम अखिलेश यादव द्वारा महाकुभ में हादसे पर सवाल उठाया जाना उचित नहीं लगता। वे हज की बात करें, तभी अच्छे लगते हैं। कुंभ की बात उनके मुंह से अजीब लगती है। महाकुंभ में ऐसा इंतजाम किया गया है, जिसके बारे में वह सोच भी नहीं सकते हैं। देश ही नहीं पूरी दुनिया में महाकुंभ की व्यवस्था को लेकर तारीफ हो रही है।
इन अव्यवस्थाओं पर रही नाराजगी
हर बार की तरह इस बार भी शुभारंभ कार्यक्रम में अव्यवस्थाएं रहीं। इस दौरान अतिथियों व जनप्रतिनिधियों के बैठने के लिए सबसे आगे सोफे लगाए गए थे। मगर उन पर न तो संख्या तय थी और न उनकी नेम प्लेट लगी थी। जिसको जहां जगह मिली बैठ गया। स्थान घिरने पर कई जनप्रतिनिधि काफी देर तक खड़े रहे। एक एमएलसी ने इसको लेकर नाराजगी भी जताई। इसके अलावा गुब्बारे और कबूतर छोड़ने के लिए बनाए गए मंच पर भी भीड़ अधिक चढ़ गई और सुरक्षा के अच्छे प्रबंधन न होने पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। यहां सिर्फ एक रस्सी के सहारे से स्टेज को कवर किया गया था। बाद में कृष्णांजलि में आयोजन के दौरान मच्छर मारने के लिए फॉगिंग कर दी गई। इससे धुआं उठने पर वहां अतिथि बेचैन हो गए। लोग मुंह को रूमाल से ढकते देखे गए।
यह हैं इस बार नए आकर्षण
1-चार धाम यात्रा : नुमाइश मैदान में देव द्वार के पास चार धाम तीर्थ की प्रतिकृति तैयार की गई है। इसमें अंदर प्रवेश करके लोगों को चार धाम तीर्थ में पहुंचने जैसा अनुभव होगा।
2- फिश टनल : इस टनल जैसी संरचना के अंदर जाकर दर्शक थाईलैंड, जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया की मछलियों का बेहद नजदीक से दीदार कर सकेंगे। बच्चों के साथ-साथ यह बड़ों के लिए भी आकर्षण का खास केंद्र होगा।
3-पुस्तक मेला : साहित्य और पुस्तक प्रेमियों के लिए इस बार नुमाइश के दरबार हॉल में पुस्तक मेला का आयोजन किया गया है। यहां पर साहित्य, कहानी, संस्मरण आदि पुस्तकें प्रदर्शित की जाएंगी।
4- फ्लॉवर शो : फूलों की प्रदर्शनी भी इस बार देखने वालों के लिए खास आकषर्ण होगा। पुष्प प्रदर्शनी के साथ ही प्रतियोगिता भी आयोजित होगी, इसमें अलग-अलग श्रेणियों में पुष्प उत्पादकों को पुरस्कृत किया जाएगा।