फार्म जमा नहीं होने पर भड़के युवकों ने डाककर्मियों को पीटा
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
डाक विभाग ने प्रधान डाकघर में मंगलवार को हुए हंगामे की घटना के बाद भी सबक नहीं लिया। बुधवार को डाक विभाग में विभिन्न पदों के लिए आवेदन करने आए बेरोजगार युवकों ने जमकर हंगामा किया। लगातार चौथे दिन भी सर्वर नहीं चलने से गुस्साए युवकों ने डाक विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट कर दी और उनके कपड़े फाड़ दिए। हंगामा करने वालों का आरोप था कि अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए कंप्यूटर की नीचे से कॉड (तार) निकाल दिया गया है। जिससे नेट कनेक्टिविटी नहीं आ रही है। जबकि मोबाइलों में साइटें काम कर रही हैं। लगातार चौथे दिन उनका आवेदन दाखिल नहीं हो पाया है। बुधवार को आवेदन करने का आखिरी दिन था।
प्रधान डाकघर में ग्रामीण सेवा डाक सेवक, पोस्टमैन, लिपिक आदि भर्ती के फार्म जमा हो रहे हैं। रोजाना हजारों अभ्यर्थी फार्म जमा करने पहुंच रहे हैं। शनिवार को सर्वर ठप रहा। अब सोमवार से बुधवार तक सर्वर ठप रहा। बुधवार को फार्म जमा करने का आखिरी दिन था तो अभ्यर्थियों का धैर्य जवाब दे गया और सर्वर जानबूझकर ठप करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने डाक कर्मचारियों के साथ मारपीट कर दी। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पोस्टमास्टर, डिप्टी पोस्टमास्टर पहुंच गए और भड़के हुए युवकों को शांत करने की कोशिश की। डिप्टी पोस्टमास्टर ने कहा कि वह तीन काउंटरों की जगह छह काउंटर करा देते हैं, लेकिन अभ्यर्थियों का कहना था कि जब सर्वर ही ठप कर दिया है तो छह काउंटर क्या काम करेंगे। बाद में विभाग के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि वह अंतिम तिथि को आगे बढ़वाने का प्रयास करेंगे, जिससे जिनके फार्म जमा नहीं हुए हैं, वह जमा हो सकें। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।
दूसरे दिन भी भूख हड़ताल पर बैठे डाककर्मी
अलीगढ़। 15 सूत्रीय मांगों को लेकर डाककर्मी बुधवार को भी प्रधान डाकघर पर भूख हड़ताल पर बैठे। केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर शुरू हुई हड़ताल की अध्यक्षता संरक्षक जेसी शर्मा ने की। भूख हड़ताल स्थल पर बुधवार को सभा भी हुई, जिसमें प्रांतीय अध्यक्ष वीरेंद्र भान पचौरी और कैलाश चंद्र वार्ष्णेय ने सरकार से कर्मचारियों की मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। बुधवार को प्रांतीय अध्यक्ष, मंडलीय अध्यक्ष, क्षेत्रीय सचिव विकास शर्मा, मंडलीय सचिव नवीन चतुर्वेदी, केदार नाथ शर्मा, ओमप्रकाश, मदनलाल शर्मा, पवन कुमार वार्ष्णेय भूख हड़ताल पर बैठे।