जिला अस्पताल में शनिवार को मरीजों की भीड़ रही। सुबह आठ बजे से 11 बजे तक ओपीडी भरी रही। इसके बाद मरीजों की संख्या कम हुई। यहां पूरे दिन में 1210 मरीजों ने परामर्श और उपचार लिया। इनमें 134 मरीज वायरल बुखार के रहे। इनके अलावा सर्दी-खांसी के 257 मरीज रहे। 156 मरीज बच्चे थे, जो कि सर्दी-खांसी व बुखार से पीड़ित थे।
तापमान में गिरावट के बाद भी मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। हसायन के गांव नगला सकट में डेंगू के दो मरीज मिलने की चर्चा थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इससे साफ इन्कार कर दिया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिले में डेंगू का कोई मरीज नहीं मिला है।
सितंबर व अक्तूबर में मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इन दोनों माह में डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला है। जबकि विभागीय सूत्रों के अनुसार जिला अस्पताल की लैब में ही डेंगू के छह मामले पहुंचे थे। हसायन के एमओआइसी ने डेंगू के मरीज मिलने से इंकार किया। सीएमओ डाॅ. राजीव रॉय ने बताया कि डेंगू के मरीज नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि वायरल बुखार में भी प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। जिसको कुछ लोग डेंगू बता रहे हैं।