न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
35 वर्षों से अलीगढ़ में स्थापित उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम की इकाई अब आगरा स्थानांतरित हो गई है। निगम के प्रबंध निदेशक संतोष कुमार खरे ने इसके आदेश जारी कर दिये हैं। इन आदेशों के बाद कभी आगरा इकाई को अपनी सरपरस्ती में रखने वाली अलीगढ़ इकाई अब आगरा के अधीन काम करेगी। किसान नेताओं ने इसे अलीगढ़ के किसानों के साथ धोखा करार दिया है। उन्होंने कहा कि यदि निर्णय नहीं बदला गया तो वे प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ देंगे।
यह है मामला
उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम की 55वीं बैठक में परियोजना कार्यालय रामपुर, अलीगढ़, इलाहाबाद, बांदा एवं आजमगढ़ को बंद करने का निर्णय हुआ था। इन सभी को क्रमश: बरेली, आगरा, कानपुर एवं वाराणसी में समाहित किया गया है। इन परियोजना क्षेत्रों में बीज उत्पादन कार्यक्रम प्रभावित न होने देने, बीज उत्पादक कृषकों को बीज उत्पादन कार्यक्रम के लिए बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने समेत अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को संपादित कराने के लिए निगम के शाखा कार्यालय संचालित किये जाने के आदेश प्रबंध निदेशक संतोष कुमार खरे ने दिये।
क्या बोले किसान नेता
-भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष विमल तोमर ने निगम के इस निर्णय को किसानों के साथ धोखा करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की अलीगढ़ के किसानों को हतोत्साहित करने की चाल है। इसका पुरजोर विरोध करते हुए आंदोलन चलाएंगे।
-भारतीय किसान यूनियन के महासचिव राजपाल शर्मा ने कहा कि यह जनपद के जन प्रतिनिधियों की विफलता है। अलीगढ़ में आलू का अच्छा बीज पहले ही नहीं मिलता था। किसान इसे जालंधर से लाते थे। बीज विकास निगम इकाई आगरा स्थानांतरित हो जाने से किसानों के सामने विषम परिस्थितियां उत्पन्न हो जाएंगी। हम सरकार के इस निर्णय का सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगे।
-भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के मंडल महासचिव एसके सिंह राना ने कहा कि किसी भी सूरत में निगम की इकाई आगरा स्थानांतरित नहीं होने दी जाएगी। इस मामले में उच्चाधिकारियों से लेकर शासन स्तर तक बात करेंगे। जरूरत पड़ी तो आंदोलनात्मक कदम उठाया जाएगा।
सीएम एवं कृषि मंत्री से मिलकर रुकवाऊंगा स्थानांतरण: दलवीर
बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह ने कहा कि निगम की इकाई आगरा स्थानांतरण का निर्णय गलत है। इस मामले में वह शनिवार को मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री से लेकर चीफ सेक्रेटरी तक से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि निगम को जरूरत लगती है तो वह आगरा में एक नहीं दो-दो इकाई खोले, लेकिन अलीगढ़ इकाई को यथावत बना रहने दे। अलीगढ़ के किसानों के साथ अन्याय किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा।