गभाना इलाके के गांव भांकरी के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को दोपहर मिड डे मील खाने के बाद एक दर्जन छात्र-छात्राओं की तबियत खराब हो गई। आनन-फानन इन्हें मलखान सिंह जिला अस्पताल लाया गया। यहां पर उन्हें उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक बच्चों को फूड प्वाइजनिंग हो गई थी। खाने के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है।
शनिवार को स्कूल में दोपहर करीब 12.30 बजे मिड डे मील का वितरण किया गया। खाना खाते ही एक दर्जन बच्चों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। इस पर बाकी बच्चों ने खाना नहीं खाया। स्कूल के हेडमास्टर हुकूम सिंह ने बच्चों की तबियत खराब होने की सूचना तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा को दी। जिसके बाद बच्चों को जिला अस्पताल लाया गया। यहां पर इमरजेंसी में बच्चों को उपचार दिया गया। उनको गेस्ट्रोएंटाइटिस या फूड प्वाइजनिंग की शिकायत बताई गई। उपचार के बाद बच्चों को छुट्टी दे दी गई।
शिकायत पर नहीं दिया ध्यान
बीमार हुए बच्चों रेशमा, सानिया, लवकुश (भांकरी), पवित्रा, सूरज, सौरभ (सेमला), ज्योति, तुलसी, प्राची, शालिनी (लखनपुरा) ने बताया कि कई दिनों से खराब खाना मिल रहा था। इसकी शिकायत हेड मास्टर से की थी लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। शुक्रवार को भी भांकरी के कई बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत परिजनों से की थी। परिजनों ने हेड मास्टर से कहा था लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
मिड डे मील का बहिष्कार
भांकरी के स्कूल में हुई फूड प्वाइजनिंग की घटना से डरे अभिभावकों ने तय किया है कि वे अब बच्चों को घर से बना खाना भेजेंगे। मिड डे मील का खाना नहीं खाने देंगे। हालांकि कुछ अभिभावक पहले से ही मिड डे मील का खाने से बच रहे हैं। यहां मिड डे मील के खाने की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें आती रही हैं।
फूड प्वाइजनिंग के शिकार बच्चे आए थे। उन्हें उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। खाने की गुणवत्ता खराब होने या उसमें खराबी आ जाने से इस तरह की समस्या हो जाती हैं। - डॉ. रामकिशन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
बच्चों की तबियत खराब होने की सूचना मिली थी। इसके बाद जिला अस्पताल के स्टाफ को अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया था। हम अपने स्तर से भी खाने की जांच करवाएंगे। - डॉ. एमएल अग्रवाल, सीएमओ
ऐसा लगता है कि अधपके चावल खाने से बच्चे बीमार हुए। खाने की आपूर्ति एक एनजीओ ने की है। इस खाने के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया जाएगा ताकि कड़ी कार्रवाई हो सके। - केएस राना, जिला कॉर्डिनेटर एमडीएम