अलीगढ़ की बुर्कानशीं बंदूकची का मैसेज सोशल मीडिया पर छाया
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
महिलाओं, युवतियों और बच्चियों के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों से व्यथित होकर लिखा गया अलीगढ़ की बुर्कानशीं बंदूकची का मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। (गौरतलब है कि अलीगढ़ तराने में जिक्र आता है कि जो अब्र यहां से उठेगा, वो सारे जहां पर बरसेगा) यह मैसेज इस हद तक प्रसारित हो गया कि उसकी हकीकत जानने के लिए एक न्यूज चैनल की टीम विशेष रूप से अलीगढ़ आयी। पड़ताल के बाद यह प्रकरण सच साबित हुआ।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की शोध छात्रा कहकशां खानम ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि ‘हिंदुस्तान में अब तो न नारी की कोई इज्जत है न कोई दर्जा।
जिसका जब जी चाहे उसकी इज्जत पर हाथ डाल दे। फिर आवाम उस जुल्म के खिलाफ धरना दे या खुद मर जाए, मगर जालिम फिर भी मस्ती में। तो भाइयों बहनों सेल्फ डिफेंस करना सीखो। यही वक्त का तकाजा है। जालिम को खुद ही मौत के घाट उतार दो, न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी’।
इस मैसेज के साथ एक तस्वीर भी पोस्ट की गई है, जिसमें बुर्कानशीं बंदूक के साथ निशाना साध रही हैं। इस मैसेज के वायरल होते ही बुर्कानशीं के बेबाक तेवर की चर्चा होने लगी।
यह पोस्ट जब बहुत ज्यादा वायरल हुई और इसकी सत्यता को लेकर सवाल उठने लगे तो इलेक्ट्रानिक चैनल ने इसकी पड़ताल शुरू की। यह कवायद उन्हें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ले आयी। छात्र राजनीति में सक्रिय कहकशां से संपर्क साधा तो उन्होंने कैमरे पर साफ कहा कि यह पोस्ट उन्होंने ही डाली है। वह देश में महिलाओं के प्रति हो रहे अपराध से व्यथित हैं। इसलिए जरूरी है कि महिलाएं अब खुद ही कमान हाथ में ले लें।
पोस्ट के साथ फोटो मेले का है
पोस्ट के साथ जो फोटो अपलोड किया गया है, वह एक मेले में गुब्बारे पर निशाना लगाते हुए है। उस फोटो को सामने से क्राप किया गया और फेसबुक पर संबंधित पोस्ट के साथ डाल दिया गया।