बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी के लिए नहीं मिल रहे पर्याप्त शिक्षक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
यूपी बोर्ड परीक्षा शुरू होने में अब महज चार दिन का समय बचा है, लेकिन अभी ड्यूटी के लिए शिक्षक नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में कई ब्लॉकों में कक्ष निरीक्षकों की तैनाती का काम अटका है। हालांकि प्रभारी डीआईओएस का कहना है कि अगले एक-दो दिन में सभी केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक तैनात कर दिए जाएंगे। इधर, 240 केंद्रों में से 47 केंद्र अतिसंवेदनशील व 104 केंद्र संवेदनशील निर्धारित किए गए हैं। इन पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात होंगे। गुरुवार को मंडलीय पर्यवेक्षक प्रमोद कुमार ने जिले के पांच परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया और अधीनस्थों को आवश्यक निर्देश दिए।
जिले के बिजौली में 1083, अतरौली में 471 व गंगीरी में 478 कक्ष निरीक्षक और चाहिए। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बीएसए से शिक्षकों की परीक्षा ड्यूटी के लिए मांग की, लेकिन सूत्रों की मानें तो बीएसए ने यह कहकर कि इतनी संख्या में यदि शिक्षक बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में लगा दिए तो परिषदीय विद्यालय बंद हो जाएंगे, इन शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी के लिए रिलीव करने से मना कर दिया है। वैसे परीक्षा के दृष्टिगत जिले में चार सुपर जोेनल, आठ जोेनल, 31 सेक्टर और 151 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे।
गुरुवार को परीक्षा कें द्रों का निरीक्षण करने के लिए मंडलीय पर्यवेक्षक व कौशांबी डायट के प्राचार्य प्रमोद कुमार यहां आए और उन्होंने पांच विद्यालयों का निरीक्षण किया। प्रभारी डीआईओएस डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय का कहना है कि जल्द ही बेसिक शिक्षा विभाग के काफी शिक्षक बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी के लिए मिल जाएंगे। अन्य सारा काम भी पूरा हो जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस जिले में 1.86 लाख परीक्षार्थी हैं, जबकि मंडल के शेष तीन जिलों में लगभग इतने ही परीक्षार्थी हैं। शासन की मंशा के अनुरूप किसी भी कीमत पर नकल नहीं होने दी जाएगी।
जेडी को हटाया, डीआईओएस मेडिकल लीव पर
यूपी बोर्ड परीक्षा से ऐन पहले शासन ने जेडी (माध्यमिक शिक्षा) महेंद्रदेव से यहां का प्रभार वापस ले लिया है। उन पर मुरादाबाद का चार्ज था और उन्हें यहां का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। उनके स्थान पर अब मेरठ के जेडी दिव्यकांत शुक्ला को अलीगढ़ का प्रभार दिया गया है। इधर, बोर्ड परीक्षा के पहले डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा का स्वास्थ्य बिगड़ गया है और वह मेडिकल लीव पर है। उनके स्थान पर एडीआईओएस डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय को चार्ज दिया गया है और परीक्षा का काम भी उन्होंने ही संभाल रखा है।