न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़।
नई दिल्ली के जामिया मिल्लिया में ‘तीन तलाक’ पर आयोजित व्याख्यान में एएमयू विधि संकाय के पूर्व डीन एवं इस्लामिक लॉ के विशेषज्ञ प्रो. एम शब्बीर ने कहा कि व्हाट्सएप, टेलीफोन, एसएमए और पत्र आदि के जरिए तीन तलाक कुरान, हदीस और शरीयत के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन है।
तीन तलाक तीन माह में एक-एक महीने के वक्फे पर दिया जाए और साथ में दोनो पक्षों की की तरफ से सुलह और समझौता की पूरी कोशिश हो। इन प्रयासों के बावजूद भी अगर कोई समझौता नहीं हो पाता तो तीन तलाक इस्लाम में जायज है।