डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना को लेकर कुछ समय पहले लखनऊ में राष्ट्रपति रामनाथ कोबिंद एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुई इन्वेस्टर्स समिट को उद्योगों को चमकाने वाली योजना के रूप में प्रचारित किया गया था, लेकिन योजना की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले से चयनित 17 उद्यमियों में से चार ने तो उद्योग स्थापित करने का अपना आइडिया ही कैंसल कर दिया। जबकि तीन अभी भी उद्योग स्थापित करने के लिए अफसरों की परिक्रमा में जुटे हैं।
इसका खुलासा सोमवार को जिला स्तरीय उद्योग बंधुओं की बैठक में हुआ। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने यूपीएसआईडीसी को उद्योग लगाने के लिए सुविधाओं की राह देख रहे इन तीनों उद्यमियों की समस्याएं निस्तारित कर उद्योग स्थापित कराने के आदेश दिये हैं। विद्युत विभाग को सभी समस्याएं एक सप्ताह में निस्तारित करने को कहा है। तालानगरी स्थित भूखंड संख्या ए.22 सेक्टर.2 में वास्तविक कब्जा व दखल कराकर सुचारू रूप से निर्माण कार्य कराने का मामला उठा।
बताया गया कि आवंटी ने बाउंड्रीवाल निर्माण में देरी की और इसके बाद स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया गया है। इसके निस्तारण हेतु पैरवी की जा रही है। भूखंड संख्या ई.44, सेक्टर.1 की उद्यमी रश्मि रानी ने शिकायत की कि उसको वापस की गयी धनराशि में ब्याज का सही आंकलन नहीं किया गया है। मै. अग्रवाल मेटल वर्क्स की समस्या 10 वर्ष के लिए इलैक्ट्रिक ड्यूटी में छूट की मांग का भी तुरंत निस्तारण करने के आदेश हुए। जिलाधिकारी ने आईटीआई एवं पालिटेक्निक के प्रशिक्षु छात्रों को अप्रेंटिस कराने के संबंध में उपायुक्त उद्योग को निर्देशित किया कि वह बड़े टर्नओवर वाली फर्मों को चिन्हित कर इनमें छात्रों को प्रशिक्षण कराने हेतु कार्यवाही सुनिश्चित करें। इस मौके पर बड़ी संख्या में अफसर व उद्यमी मौजूद थे।