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निजता नहीं होगी ‘बे-पर्दा’

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निजता नहीं होगी ‘बे-पर्दा’
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।

सुप्रीम कोर्ट ने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार करार दिया है। कोर्ट के फैसले के बाद देश के किसी भी नागरिक की निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकेगी। अब आधार, पैन, क्रेडिट कार्ड में दी गई जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकेगा। कोर्ट के फैसले का लोगों ने स्वागत किया है।
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कोर्ट ने अपने निर्णय से सरकार की तानाशाही पर तमाचा मारा है। निजता व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। सरकार अपने मनचाहे निर्णयों में तो गोपनीयता बनाए रखती है, लेकिन सरकार के मुखिया को आम आदमी की गोपनीयता की परवाह नहीं है।
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- बिजेंद्र सिंह, पूर्व सांसद कांग्रेस
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। अगर हमें राष्ट्रहित में अपनी निजता दांव पर लगानी पड़े तो पीछे नहीं हटेंगे। क्योंकि राष्ट्र हित सर्वोपरि है। लेकिन स्वाथ के लिए निजता पर प्रहार नहीं होना चाहिए।
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- डॉ. वीपी पांडेय, असिस्टेंट प्रोफेसर एसवी कॉलेज
निजता खत्म करने की सरकार की कोशिश थी। सरकार के मंसूबे पर कोर्ट ने पानी फेर दिया। इंग्लैंड व अमेरिका में सुरक्षा व्यवस्था बहुत जबर्दस्त है, लेकिन हमारे यहां कमजोर है। सरकार को इस पर काम करने की जरूरत है न कि निजता को सामने लाने की।
- मारिया आलम, समाज सेविका
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