अब वाट्सएप से लें हज की ट्रेनिंग
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
आजमीन-ए-हज को भी अब वर्चुअल दुनिया से जोड़ लिया गया है। उन्हें सऊदी अरब में हज के दौरान मुजल्फा में कब खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी होगी? शैतान को कंकड़ी कितने दिन मारनी होगी? इसकी ट्रेनिंग वाट्सएप से दी जा रही है।
इसके लिए महिला व पुरुष के अलग-अलग ग्रुप बनाए गए हैं। ग्रुप एडमिन 12 साल से बगैर कोई फीस लिए हज यात्रियों की खिदमत कर रहे हैं। वाट्सएप पर लब्बैक हज सोसाइटी लेडीज व जेंट्स नाम से ग्रुप है।
इस बार जिले से तकरीबन 600 लोगों के हज पर जाने की उम्मीद है। महिला ग्रुप में 45 और पुरुष ग्रुप में 156 हज यात्री शामिल हैं। हर हज यात्री के कवर नंबर पर दो-तीन, पांच लोग हैं।
तीन महीने पहले बने इस ग्रुप में रोजाना औसतन 40 सवाल हज से संबंधित पूछे जा रहे हैं। ग्रुप एडमिन तौफीक अहमद खान का दावा है कि हज यात्रियों को लेकर देश में पहली बार वाट्सएप ग्रुप बना है।
एएमयू के अकाउंट विभाग में सेक्शन अफसर तौफीक अहमद ने बताया कि हज कमेटी ऑफ इंडिया से मिलने वाली जानकारी फौरन ग्रुप में शेयर की जाती है।
वाइस रिकॉर्डिंग से हज यात्रियों के सवाल के जवाब दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि देश के एयरपोर्ट से अरब में हज मुकम्मल तक के वीडियो शेयर किए जा चुके हैं।
वीडियो को कई हिस्सों में बांटकर हज यात्रियों को हज करने की जानकारी दी जा रही है। तौफीक अहमद ने बताया कि हज यात्रियों की खिदमत के लिए वह विदेश मंत्रालय की ओर से 2005 व 2011 में अरब जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि हज यात्रियों को सहूलियत मुहैया कराकर सवाब (पुण्य) हासिल करना उनका मकसद है। तौफीक के मुताबिक इटावा के हज यात्रियों को ट्रेनिंग दी जा रही है और अगले साल से रामपुर, मुरादाबाद व कानपुर के हज यात्रियों को वाट्सएप से जानकारी दी जाएगी।