बारिश में बड़े पैमाने पर पानी बर्बाद हो जाता है, लेकिन इस बार बारिश के पानी को संरक्षित करने की कवायद तेजी से चल रही है। मनरेगा के तहत जिले की 867 ग्राम पंचायतों में से 120 ग्राम पंचायतों में बारिश से पूर्व मॉडल तालाब तैयार किए जाएंगे। प्रत्येक ब्लॉक में 10-10 गांवों का चयन किया गया है। चिन्हित गांवों में तालाब की खोदाई का कार्य शुरू हो गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल 2022 को पंचायती राज दिवस पर देश के प्रत्येक जिले में 75-75 तालाबों के निर्माण के लिए अमृत सरोवर योजना शुरू करने की घोषणा की थी। मनरेगा, राज्य वित्त एवं 15 वें वित्त की धनराशि से इनका कायाकल्प कराया जाना है। अमृत सरोवर मिशन के तहत नए तालाब खोदे जाएंगे और पुराने तालाबों को पुनर्जीवित किया जाएगा। 15 अगस्त 2022 तक केंद्र ने इन तालाबों को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि मनरेगा एवं वित्त आयोग के बजट से तालाबों को विकसित किया जाएगा। पहले चरण में जिले में 120 मॉडल तालाब बनाए जा रहे हैं। मानसून आने से पहले ही इन्हें तैयार किया जाएगा।