उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश के कुछ अधिकारी विकास के दुश्मन बने हुए हैं।
उन्होंने ‘दुश्मन अधिकारियों’ को चेतावनी दी है कि अगर वे विकास में राह में बाधा बनेंगे, तो सरकार उनसे निपटने का ‘रास्ता निकालेगी।’
उन्होंने कहा कि सपा सरकार पिछली सरकार की गलत नीतियों में सुधार कर रही है, लेकिन ये दुश्मन अधिकारी और कुछ लोग पीआईएल का सहारा लेकर कोर्ट-कानून के जरिए सुधार और विकास के कामों में बाधा बन रहे हैं।
उन्होंने ऐसे अधिकारियों को डपटते हुए कहा कि अफसर अपने पदों पर जनता, किसान, सरकार और उद्योगपतियों की मदद करने के लिए हैं, अगर वे मदद नहीं कर सकते तो अफसर रहने लायक भी नहीं हैं।
मुख्यमंत्री के ये तेवर गुरुवार को इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में आयोजित उत्तर प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर समिट-2013 में देखने को मिले। अखिलेश ने पिछली सरकार पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि पता नहीं क्यों पिछली सरकार ने उद्योगों से जुड़ी नीतियों में बदलाव किए। जब सपा सरकार बनी तो चार बड़े सड़क प्रोजेक्ट चल रहे थे, पिछली सरकार ने इनके बेईमानी से इनके एमओयू किए थे।
लेकिन मौजूदा सरकार ने उन्हें नहीं रुकवाया, क्योंकि मुद्दा विकास का था। लेकिन बसपा सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार की नीतियों में जो बदलाव किए, उससे निवेशक प्रदेश से कट गए। उद्योग जगत का भरोसा खो गया।
अब वह भरोसा वापस लाना होगा ताकि प्रदेश में निवेश बढ़े और विकास हो। इसके लिए नीतियों को बदला जा रहा है, लेकिन यह आसान काम नहीं है। रात होते ही पीआईएल वाले दुश्मन अफसरों के पास नजर आते हैं। सरकार के कामों को रुकवा कर विकास में बाधा अटकाने की साजिश हो रही हैं।