उत्तर प्रदेश में गर्भवती महिला और नवजात शिशु के जीवन की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के संकल्प के साथ ‘हौसला’ अभियान सोमवार को शुरू हुआ।
प्रदेश के सभी 75 जिलों में चलने वाले इस जन जागरूकता अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया। उन्होंने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर का आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि मायावती सरकार ने पांच साल तक इस तस्वीर को बदलने के लिए कुछ नहीं किया, वरना यूपी बहुत आगे होता।
यदि मां और बच्चा स्वस्थ होंगे तो यूपी भी स्वस्थ होगा। इस अभियान से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बड़ी तादाद में गरीब रहते हैं।उन तक समय से स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने से प्रदेश में प्रति लाख 300 माताओं की मौत हो जाती है।
तमाम बीमारियों की वजह से पांच साल से कम आयु के हजार में 92 बच्चे जान गंवा देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने गरीबों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की पहल की है। 108 एंबुलेंस सेवा से लोगों को सीधे फायदा मिल रहा है।
गर्भवती महिलाओं को जांच व प्रसव के लिए अस्पताल लाने और वहां से मां और बच्चे को घर तक पहुंचाने के लिए 102 एंबुलेंस सेवा जल्द ही शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने नई सरकार बनने के बाद स्वास्थ्य विभाग के कार्र्यों की दिल खोलकर तारीफ की।
उन्होंने कहा कि यह विभाग पटरी से उतरा हुआ था। मात्र डेढ़ साल में इसे पटरी पर लाने में सफलता मिल गई।