यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कानून व्यवस्था को ताक पर रखने वालों को बख्शने के मूड में नहीं है।
बीते दिन डयूटी में लापरवाही बरतने वाले 21 अफसरों को सस्पेंड करने वाले सीएम अखिलेश ने आज थाने में दबंगई करने वाले 4 सपाइयों पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए।
उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और दरोगा से बदसलूकी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। मामला, उत्तरप्रदेश के साहिबाबाद इलाके का है।
सीओ अरविंद यादव ने बताया कि चोरी और डकैती की घटनाओं में लिप्त जेल में बंद आरोपी सोनू और उस्मान के बारे में पूछताछ के लिए सिपाही को पसौडा भेजा गया था।
वहां अबुल हसन ने सिपाही को धमकाते हुए जाने के लिए कहा।
सिपाही लौट आया तो अबुल हसन और मुकीम चौधरी उसका पीछा करते हुए करनगेट चौकी आ गये। यहां दोनों ने चौकी इंचार्ज से नोकझोंक की और सपा कार्यकर्ताओं को सूचना देकर बुला लिया।
चौकी पहुंचे सपा नेता नाहर सिंह यादव ने चौकी इंचार्ज राजेश कुमार शर्मा से बदतमीजी की। इसके बाद करीब 12 बजे ये लोग हंगामा, नारेबाजी करते थाने पहुंच गए और धरने पर बैठ गए।
ये लोग चौकी इंचार्ज के तबादले की मांग कर रहे थे।
थोड़ी ही देर में थाने पर सुधन रावत और प्रहलाद शर्मा सहित अन्य लोग भी पहुंच गए । बाद में चौकी इंचार्ज के सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने पर सपाई शांत हो गए।
इस मामले में देर शाम नाहर सिंह यादव, अबुल हसन, यासीन और मुकीम चौधरी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और दरोगा से बदसलूकी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
ये तो पुलिस की गुंडागर्दी है : नाहर
सपा के वरिष्ठ नेता नाहर सिंह यादव ने पुलिस पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी का आरोप लगाते हुए कहा कि वह पूरे प्रकरण में विरोध जताने गए थे।
उन्होंने बताया कि सुबह नौ बजे सपा कार्यकर्ता अबुल हसन के घर पर सिपाही पहुंचा और कहा उन्हें चौकी इंचार्ज ने बुलाया है।
अबुल हसन और मुकीम चौधरी करनगेट चौकी पहुंचे और बुलाने का कारण पूछा। इस पर चौकी इंचार्ज दरोगा ने अबुल हसन से गालीगलौच करते हुए कहा कि तेरा भतीजा बदमाश है।
इसके बाद दरोगा ने दोनों के साथ धक्का-मुक्की की।
इस पर अबुल हसन ने फोन कर उन्हें जानकारी दी। नाहर सिंह ने बताया कि अगर भतीजे ने कुछ किया है तो पुलिस अबुल हसन और मुकीम को क्यों परेशान कर रही है।
उन्होंने कहा कि उन पर रिपोर्ट दर्ज करना पुलिस की गुंडागर्दी है।
पार्टी से बाहर होंगे हंगामा करने वाले सपाई
सपा महानगर अध्यक्ष संजय यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था को अपने हाथ में लेने वाले सपा नेताओं पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
शनिवार को अबुल हसन, मुकीम चौधरी और नाहर सिंह यादव को पार्टी से निष्कासित किया जा सकता है।