गौर पूर्णिमा पर्व पर रविवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अक्षय पात्र में दुनिया के सबसे ऊंचे चंद्रोदय मंदिर की आधारशिला रखी। इस दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि चंद्रोदय मंदिर भी अपनी बेजोड़ कला एवं संस्कृति के लिए देश ही नहीं पूरी दुनिया में जाना जाएगा। इससे ब्रज क्षेत्र के पर्यटन को बढ़ावा भी मिलेगा।
रविवार दोपहर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अक्षय पात्र स्थित भूमि पूजन समारोह में पहुंचे तथा हवन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि ब्रज क्षेत्र विश्व में अपनी संस्कृति, सभ्यता और मंदिरों के कारण विख्यात है। इतने विशाल मंदिर का निर्माण करना कोई सरल कार्य नहीं, फिर भी अक्षय पात्र द्वारा मंदिर निर्माण के लिए जो सार्थक पहल की गई है, उसके लिए सरकारी स्तर पर हर कार्य करने को तैयार हैं।
उन्होंने इस मंदिर के लिए लोगों से दिल खोलकर सहयोग देने की अपील की। यह भी कहा कि सभी दलों को इसी तरह से बिना राजनीति विकास के लिए कार्य करने चाहिए।
कुतुबमीनार से तीन गुना ऊंचा मंदिर
60 एकड़ में बन रहा यह चंद्रोदय मंदिर का निर्माण इस्कॉन करा रहा है। 70 मंजिला इस मंदिर की ऊंचाई 13वीं सदी में बनी कुतुबमीनार से तीन गुना ऊंचा होगी। खजुराहो शैली बनने वाले इस मंदिर निर्माण की डिजाइन इस्कॉन बंगलुरू के लोगों ने तैयार की हैं।
इसकी आंतरिक साज-सज्जा विदेशी शिल्पकारों की परिकल्पना पर आधारित है। मंदिर के निर्माण में 400 करोड़ की लागत आएगी। पहले चरण में 150 करोड़ रुपये से आधारभूत ढांचे को तैयार किया जाएगा।
शेष 250 करोड़ की राशि 70 मंजिल के निर्माण और सजावट में खर्च की जाएगी।
दूरबीन से दिखेगा ताज
चंद्रोदय मंदिर की सबसे ऊंची मंजिल का नाम ब्रज दर्शन रहेगा। यहां से ब्रज के 76 धार्मिक स्थलों के दर्शन होंगे। ताज महल भी यहां से दूरबीन के जरिए देखा जा सकेगा।
मंदिर में 40 एकड़ का घना जंगल कान्हा के ब्रज की अनुभूति कराएगा। साथ ही मंदिर किनारे दो किलोमीटर में यमुनाजी होंगी। थ्रीडी एनिमेशन के जरिए राधाकृष्ण की लीला श्रद्धालुओं को दिखाई जाएगी।
डीएम विशाल चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बैठक में एसएसपी अखिलेश मीणा, एसपी सिटी मनोज सोनकर, सीओ सदर असीम चौधरी उपस्थित थे।