अखिलेश सरकार प्रदेश के अल्पसंख्यकों पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान है। शायद यही वजह है कि प्रदेश के अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में 2500 करोड़ रुपये की लागत से विकास कराए जाएंगे।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने इसका प्रस्ताव बनाते हुए भारत सरकार को भेजने का निर्देश दिया है।
वह मंगलवार को मल्टी-सेक्टोरल डिस्ट्रिक्ट डवलपमेंट प्रोग्राम की राज्य स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
चमक जाएंगे ये इलाके
उन्होंने बताया कि इस योजना में अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में ग्रामीण विद्युतीकरण, सड़क संपर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्धनता उन्मूलन की योजनाएं चलाई जाएंगी।
इस योजना में गाजियाबाद के डासना में 11 करोड़ रुपये की लागत से एक डिग्री कॉलेज तथा मुजफ्फरनगर में राजकीय इंटर कॉलेज के 16 कमरों का निर्माण कराया जाएगा।
45 जिलों का होगा उद्धार
वर्ष 2013-14 में प्रत्येक विकास खंड, प्रत्येक कस्बा व नगरीय क्षेत्र के लिए 10-10 करोड़ रुपये की परियोजना भारत सरकार को भेजी जाएगी। इसमें 45 जिलों के 144 विकास खंडों के अल्पसंख्यक क्षेत्रों के लिए योजनाएं होंगी।
केवल यहीं 100 करोड़
मुख्य सचिव ने गाजियाबाद के दो विकास खंडों के लिए 20 करोड़, बलरामपुर के लिए 80 करोड़ तथा बुलंदशहर व हापुड़ जिले के लिए दो सप्ताह में योजनाओं का प्रस्ताव देने को कहा है।
जहां अल्पसंख्यक होंगे 50% से ज्यादा
अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज की योजनाएं प्राथमिकता पर तैयार कराई जाएंगी। इसके लिए ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा जहां अल्पसंख्यकों की आबादी 50 फीसदी होगी।
हर परिवार को मिलेगा पक्का मकान
प्रत्येक परिवार को पक्के मकान, स्वच्छ जल, विद्युत और शौचालय जैसी आधारभूत सुविधाएं दी जाएंगी। मल्टी-सेक्टोरल डिस्ट्रिक्ट डवलपमेंट प्रोग्राम में स्वीकृत कार्यों की सूची जिलेवार वेबसाइट पर डाली जाएगी और सांसद व विधायकों को भी उपलब्ध कराई जाएगी। इन कार्यों के लिए लोगों के सुझाव भी लिए जाएंगे।