उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जनता दर्शन में आने वाले लोगों की शिकायतों की सुनवाई को लेकर प्रशासनिक अमला हरकत में आया है।
लोक शिकायत निदेशालय ने सीएम दरबार में आए दो मृतक आश्रितों को नौकरी दिलवाई तो जमीन की पैमाइश के लिए भटक रही महिला को कब्जा दिलाया। बढ़े बिजली बिल को दुरुस्त कराने में भी पहल सार्थक रही।
काफी समय से यह बात सामने आ रही थी कि मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में आने के बावजूद फरियादियों की समस्याओं की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है लिहाजा वे यहां भी कई बार दौड़ने को मजबूर होते हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस बात को गंभीरता से लिया था।
उन्होंने पिछले दिनों जनता दर्शन में प्राप्त प्रार्थनापत्रों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करवाकर पात्रों को न्याय दिलाने को निर्देशित किया था। हाल में लोक शिकायत निदेशालय ने कई मामलों में कार्यवाही कर फरियादियों को न्याय दिलाई है।
अजीत को मिली स्वास्थ्य कार्यकर्ता की नौकरी
जौनपुर के अजीत कुमार मौर्य अर्से से मृतक आश्रित की नौकरी के लिए परेशान थे। अपने पिता स्वर्गीय राम सांवरे मौर्य के स्थान पर अजीत ने नौकरी की मांग की थी। दो वर्ष से वह जौनपुर से लखनऊ तक विभाग के अफसरों का चक्कर काट रहा था। जब कहीं कोई कार्यवाही नहीं हुई तो अजीत ने सीएम दरबार में अर्जी लगाई। इसके बाद लोक शिकायत निदेशालय ने प्रकरण दर्ज कर संबंधित अधिकारियों को तलब किया। सुनवाई के बाद अजीत को स्वास्थ्य कार्यकर्ता (पुरुष) केपद का प्रशिक्षण दिलाकर नौकरी देने का आदेश जारी कर दिया गया है।
चंदौली के दीनदयाल जूनियर हाईस्कूल की नौकरी
चंदौली जिले के साई गांव निवासी दीनदयाल पांडेय की मां बृजभानी देवी की मौत हो गई थीं। दीनदयाल ने मृतक आश्रित की नौकरी की मांग की। मृतक आश्रितों के प्रति विशेष सहानुभूति की अपेक्षा होती है। शासन से इसके लिए स्पष्ट निर्देश हैं। इसके बावजूद दीनदयाल को अपने हक के लिए मुख्यमंत्री दरबार में दस्तक देनी पड़ी। दीनदयाल ने सीएम दरबार में अर्जी दी तो उनकी भी सुनवाई हो गई। निदेशालय ने दीनदयाल की सुनवाई कर उनकी नियुक्ति का फैसला किया। उन्हें पूर्व माध्यमिक विद्यालय इटवा सकलडीहा में कार्यभार ग्रहण करा दिया गया है।
साधना को मिली दबंग के सामने न्याय
औरैया की साधना देवी अपने गाटा संख्या-1250 एवं 1261 की पैमाइश के लिए काफी समय से प्रयासरत थीं। दबंग अपने पहुंच और पकड़ के चलते पैमाइश नहीं होने दे रहे थे। अफसर भी चुप्पी साधे रहे। साधना ने सीएम दरबार में अर्जी दी तो पूरी समस्या लिख बताई। मुख्यमंत्री दरबार से मामले में पड़ताल शुरू हुई तो औरैया का प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जमीन की पैमाइश करवाकर साधना को कब्जा दिला दिया गया है और उन्होंने संतुष्टि प्रमाणपत्र भी दिया है।
राजधानी की विजय कौर को भी राहत
राजधानी के सेक्टर एच एलडीए कालोनी कानपुर रोड निवासी विजय कौर अपने बिजली कनेक्शन के बढ़े बिल को लेकर परेशान थीं। विभाग में अपनी बात कही लेकिन सुनवाई नहीं हुई। विजय भी मुख्यमंत्री दरबार पहुंची। लोक शिकायत निदेशालय ने मामले की सुनवाई कर मीटर चेक करवाया। विजय की शिकायत सही पाए जाने के बाद उनका बिजली बिल ठीक कराया। प्रवक्ता ने बताया कि विजय ने संतुष्टि प्रमाणपत्र दे दिया है।