कासगंज। पंचायत चुनाव मैदान में उतरने के लिए दावेदारों के द्वारा इन दिनों अपने प्रमाणपत्रों को तैयार करने के लिए भागदौड़ करनी पड़ रही है। प्रत्याशी अदेयता प्रमाणपत्र सहित सभी आवश्यक प्रमाण पत्र के लिए नामांकन से पहले ही अपनी तैयारी कर रहे है, जिससे नामांकन के समय किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
पंचयात चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने मे ंअब अधिक समय नहीं बचा है। 13 अप्रैल से नामांकन प्रकिया शुरू हो जाएगी। नामांकन के दौरान कई प्रकार के प्रमाणपत्रों की आवश्यकता प्रत्याशी को होगी। प्रत्याशी के लिए सबसे अहम प्रमाणपत्र है अदेयता प्रमाणपत्र। प्रत्याशी जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ग्राम पंचायत एवं सहकारी समितियों व बैंको का बकाएदार नहीं होना चाहिए।
इसके लिए दावेदार लगतार भागदौड़ कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रत्याशी को शपथपत्र भी लगाना है। वहीं अनसुचित जाति, जनजाति के प्रत्याशी को अपनी जाति का प्रमाणपत्र भी लगाना होगा। कई-कई प्रमाण पत्रों को लगाने के कारण दावेदार इन दिनों चकरघिन्नी बने हुए है। वे प्रमाणपत्रों के बनवाने के लिए कार्यालयों के चक्कर भी लगा रहे है, जिससे समय समय से प्रमाणपत्र हाथ आ सके।
निवर्तमान प्रधान को शिक्षा विभाग का भी लगाना होगा अदेयता प्रमाणपत्र
कासगंज। पंचायत चुनाव मैदान में उतरने वाले निवर्तमान प्रधान के लिए शिक्षा विभाग के भी अदेयता प्रमाणपत्र की आवश्यकता होगी। इन प्रधानों को मध्याह्न भोजन योजना के तहत ग्राम पंचायत को मिले खाद्यान एवं कनवर्जन कॉस्ट का धन का हिसाब देना होगा। यदि किसी प्रधान ने यह हिसाब नहीं दिया है तो उसे अदेयता प्रमाणपत्र जारी नहीं हो सकेगा।
निवर्तमान प्रधान के लिए शिक्षा विभाग का अदेयता प्रमाणपत्र आवश्यक है। यदि किसी प्रधान ने मध्याह्न भोजन का हिसाब नहीं दिया होगा तो उसे यह प्रमाणपत्र जारी नहीं होगा। -अंजली अग्रवाल, बेसिक शिक्षा अधिकारी
प्रत्याशी के लिए सहकारी समिति, सहाकारी बैंक, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत या ग्राम पंचायत का बकाएदार नहीं होना चाहिए। उनको नामांकन के समय इनके अदेयता प्रमाणपत्र लगाने होंगे। -तरुण कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत।