प्रशासन को वार्ड संख्या 10 के रिकॉर्ड का पुनः मिलान करना पड़ा। इसमें गलती भी पकड़ में आई। छह बूथों के मतों को परिणाम में शामिल ही नहीं किया गया था। कम्प्यूटर फीडिंग की गड़बड़ी पता कर प्रशासन ने इन्हें शामिल किया तो भाजपा के गजेंद्र 998 मतों से आगे हो गए। इसके साथ ही उन्हें विजयी घोषित कर दिया गया।
इसके बाद रात तकरीबन 12:00 बजे भाजपा विधायक और नेता धरना समाप्त कर चले गए। हालांकि अभी तीन और वार्डों पर गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं। जिसे लेकर आज फैसला होना है।