मैनपुरी। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की शर्तों में बदलाव हो गया है। अब गैर तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त युवा भी इसमें आवेदन कर सकते हैं।
योजना से अब तकनीकी शिक्षा या प्रशिक्षण के प्रमाण पत्रों की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। इसके अलावा अब आवेदन के समय युवा स्वः प्रमाणित घोषणा प्रपत्र जमा कर सकते हैं। इसे शपथ पत्र के साथ जमा करने की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया है। तीसरा इस योजना में जन सुविधा केंद्र संचालकों को भी जोड़ा गया है। अन्य योजनाओं की तरह इसके तहत भी संचालकों को प्रति आवेदन तय मूल्य मिलेगा।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के संबंध में जीएम डीआईसी उत्कर्ष चंद्रा ने बताया कि योजना में 5 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर उद्योग स्थापित युवा कर सकते हैं। इस योजना के तहत सरकार युवाओं को बिना गारंटी के 5 लाख का ऋण उपलब्ध करा रही है। इस ऋण पर 4 वर्ष तक कोई ब्याज देय नहीं होगा। परियोजना लागत पर 10 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान दिया जाएगा। योजना के तहत जिले के एक हजार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य मिला है। अभी 196 प्रशिक्षित युवाओं ने पंजीकरण कराया है।
एमएसएमई विभाग की तरफ से युवाओं को अपना उद्योग स्थापित करने के लिए पंजीकरण व आवेदन की ऑनलाइन सुविधा विभाग की वेबसाइट पर दी गई है।
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