दुनिया को रोशनी देने वाले चिराग के तले में अंधेरा हो तो उसे रोशनी की अहमियत ज्यादा समझ आती है। शिक्षा के कुछ ऐसे ही चिराग आगरा में भी हैं। इनकी मजबूरियों ने जब पढ़ाई में बाधा डाली तो ज्ञान की जरूरत समझ आई।
इसी सोच के साथ बीड़ा उठाया औरों की मजबूरियों में सहारा बनने का और शुरुआत कर दी निशुल्क पाठशाला की। आज यह पाठशाला ऐसे बच्चों में शिक्षा का बीज बो रही है, जो पेट भरने के लिए किताबों से दूर जा रहे थे। अब इनकी जिंदगी में काम भी है, कलम का ज्ञान भी और इस कलम में स्याही भर रहे हैं चार युवा शिक्षक।
जगदीश पुरा निवासी देवेंद्र सिंह ने एक वर्ष पहले जगदीश पुरा में इस निशुल्क पाठशाला की शुरूआत की है। इसमें वे अपने दोस्त नरेश कुमार (30), धर्मेंद्र (26) और कृष्णा कुमार (22) के साथ किशोरपुरा और जगदीश पुरा की मलिन बस्तियों में रहने वाले बच्चों को पढ़ाते हैं। देवेंद्र सिंह बताते हैं कि एक साल पहले जब बस्ती के ऐसे बच्चों को देखा जो काम करते हैं।
स्कूल नहीं जाते अपना नाम के अक्षर तक नहीं जानते तो उन बच्चों को पढ़ाने और समाज में सम्मान दिलाने की चाहत मन में पाल ली। जब पाठशाला की शुरूआत की थी, तब मात्र दस बच्चे पढ़ने आते थे, लेकिन अब लगभग 150 बच्चे प्रतिदिन आते हैं।