आगरा के जगदीशपुरा में प्रेमिका के घर गए प्रेमी की रविवार रात को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। युवक घर के पास ही सड़क पर पड़ा मिला था। एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी में उसने दम तोड़ दिया। परिजन प्रेमी-प्रेमिका द्वारा जहर खाने की बात कह रहे हैं।
रामनगर का रहने वाला वीरेंद्र (22) पुत्र भूरी सिंह जूता कारीगर था। उसके भाई सनी ने बताया कि वीरेंद्र के तीन साल पहले प्रेम संबंध मोहल्ले की एक युवती से हो गए थे। डेढ़ साल पहले दोनों घर से चले गए थे।
युवती के पिता ने बहला फुसलाकर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने युवक और युवती को बरामद कर लिया था। इसके बाद दुष्कर्म का आरोप लगा था। वीरेंद्र को पुलिस ने जेल भेज दिया था। युवती को परिजनों ने 17 साल का दर्शाया था।
प्रेमिका की मां बुलाकर ले गई
सनी का आरोप है कि युवती और उसकी मां वीरेंद्र से जेल में मिलने जाते थे। इस पर परिजनों ने आपस में बैठकर बात की। दोनों की शादी करने पर अप्रैल में समझौता हो गया। वीरेंद्र छह महीने बाद जेल से छूट सका।
रविवार दोपहर तीन बजे प्रेमिका की मां घर आई। वो वीरेंद्र को बात करने के लिए घर बुलाकर ले गई। इसके बाद वीरेंद्र का पता नहीं चला। उधर, शाम पांच बजे युवती का पिता वीरेंद्र के घर आया। उसने अपने बेटी को गायब करने का आरोप लगाया।
इस पर वीरेंद्र की तलाश में उसके परिजन लग गए। रात तकरीबन आठ बजे वीरेंद्र जगदीशपुरा पुलिया पर बेहोश पड़ा मिला। वहां पर युवती भी थी। परिजनों के आने पर वो घर चली गई। वीरेंद्र को एसएन मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया। जहां पर रात ढाई बजे उसकी मौत हो गई।
होटल में विषाक्त खाने की चर्चा
घटना की जानकारी पर थाना जगदीशपुरा पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इंस्पेक्टर थाना जगदीशपुरा ने बताया कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। युवक की मौत का कारण जानने केलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस को एक तहरीर दी गई है। जिसमें लिखा है कि युवती का पिता, भाई और बुआ शादी करने के लिए पांच लाख रुपये मांग रहे थे। रुपये नहीं देने पर शादी से मना कर दिया था। वीरेंद्र प्रेमिका के साथ पश्चिमपुरी के होटल में गया। इसके बाद विषाक्त खा लिया।
होटल संचालक ने दोनों को किशोरपुरा पहुंचा दिया। शिवानी को कुछ नहीं हुआ। वो बच गई। वहीं पुलिस का कहना था कि रात में युवती अपने घर पर बिल्कुल ठीक मिली थी। वहीं वीरेंद्र की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। वह पांच भाई बहन में चौथे नंबर का था। परिजनों का कहना था कि उसे प्रेम करने की सजा मिली।