उत्तर प्रदेश के आगरा में युवक को घर बुलाकर पीटा गया। इसके बाद हाथ बांधकर गांव में घुमाया। कार में अगवा करके कन्नौज ले गए। वहां भी उसकी पिटाई की गई। युवक की मां की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पता चलने पर आरोपियों ने युवक को छोड़ दिया। पुलिस ने उसे 30 घंटे में बरामद किया। आरोपियों में एक फौजी भी शामिल है। युवक गांव की एक युवती से उसकी शादी के बाद भी बातें करता था।
घटना सिकंदरा थाना क्षेत्र के गांव अरसेना की है। गांव निवासी अंकित की दोस्ती पांच साल पहले गांव की युवती से थी। युवती की शादी छिबरामऊ, कन्नौज के एक गांव में हुई है। कुछ समय पहले अंकित की युवती से फिर बातचीत शुरू हो गई। दोनों फेसबुक और व्हाट्सएप पर बातें करते थे। इसकी जानकारी घरवालों को हो गई। आरोप है कि शुक्रवार शाम 5 बजे अंकित को युवती के परिजन ने अपने घर बुलाया।
उसे पकड़ने के बाद पिटाई की। रस्सी से हाथ बांध दिए। रस्सी बांधकर उसे गांव में घुमाया। इस दौरान गांव के लोगों ने देखा, लेकिन कोई विरोध नहीं कर सका। थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि अंकित की हत्या की साजिश रची गई थी। आरोपी उसे कार की डिकी में बांधकर डालने के बाद युवती की ससुराल ले गए। अंकित को ससुरालियों के सुपुर्द किया। उन्होंने भी उसकी पिटाई की।
उधर, अंकित की मां गीता ने रात 11:30 बजे पुलिस को सूचना दी। पुलिस हरकत में आई। गांव अरसेना के मूला पहलवान, संजय, राजू, जीतू, कन्नौज के सिंटू, विकास और सुरेंद्र के खिलाफ हत्या के लिए अपहरण का केस दर्ज किया। शनिवार को मूला और संजय को गिरफ्तार किया। इसकी जानकारी पर आरोपियों ने अंकित को छोड़ दिया। 30 घंटे बाद उसे बरामद कर लिया गया।
सेना में है एक आरोपी
निरीक्षक ने बताया कि विवाहिता के परिवार का राजू भी आरोपी है। वह सेना में है। इन दिनों छुट्टी पर घर आया था। वह भी अंकित को सबक सिखाना चाहता था। इसलिए वारदात में शामिल हो गया। पुलिस की गिरफ्तारी के बाद वो घर से फरार है। उसकी भी तलाश की जा रही है। सैन्य अधिकारियों से भी संपर्क किया जा रहा है।
पुलिस की तत्परता ने बचा लिया
वारदात के बाद से अंकित दहशत में है। उसे पहले कार में पीटा गया था। इसके बाद कन्नौज ले जाकर पिटाई की गई। शरीर पर कई जगह मारपीट के निशान हैं। परिजन ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। परिवार भी दहशत में है। मां गीता ने पुलिस को बताया कि बेटे को युवती फोन करती थी। उसके एक बच्चा भी है। इसके बावजूद वह बेटे से बात करती है। अगर, पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई नहीं की होती तो बेटे की जान बचना मुश्किल था।