आगरा में हृदय रोग विशेषज्ञ डा. ईशान गुप्ता से सोमवार दोपहर को 40 लाख रुपये चौथ मांगी गई। उनके मोबाइल के व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज किया गया। व्हाट्सएप पर कॉल भी किया, लेकिन डाक्टर कॉल रिसीव नहीं कर सके। धमकी दी गई कि क्लीनिक से बाहर निकलते ही गोली मार दी जाएगी। इससे डाक्टर और उनका परिवार दहशत में आ गया। इस मामले में थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने 24 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
दयाल बाग निवासी डा. ईशान गुप्ता का बाग फरजाना में ईशान हार्ट सेंटर के नाम से क्लीनिक है। सोमवार दोपहर को उनके व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज आया था। मैसेज भेजने वाले ने लिखा कि 40 लाख रुपये चाहिए। क्लीनिक से बाहर मत आना। गोली मार दी जाएगी। उनके लोग भी मिले हुए हैं। मेरा आदमी क्लीनिक के बाहर ही खड़ा हुआ है। व्हाट्स एप पर मैसेज के साथ ही एक फोटो भी भेजा गया, जिसमें खुद को बदमाश बताया गया।
इसके बाद तीन बार व्हाट्सएप कॉल भी किया गया, लेकिन डा. ईशान गुप्ता काल रिसीव नहीं कर सके। डॉक्टर ईशान गुप्ता के बड़े भाई डॉ. सुबीर गुप्ता हैं। उनका क्लीनिक देहली गेट क्षेत्र में है। पिता ट्रांसपोर्ट व्यापारी हैं। सीओ हरीपर्वत सौरभ दीक्षित ने बताया कि मुकदमा दर्ज करके जांच की गई। इसके बाद धमकी देने वाले को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी बोदला के राहुल नगर निवासी अली हसन है। वो बिजली कंपनी में चालक है।
पत्नी के दोस्त को फंसाना चाहता था बिजली कंपनी का चालक
थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि आरोपी अली हसन ने पूछताछ में बताया कि उसकी पत्नी की दोस्ती मोहल्ले के रहने वाले आसिफ से है। वो इसका विरोध करता था। मगर, आसिफ नहीं मान रहा था। वो पत्नी से बात करता है। इसको लेकर उसने पुलिस से पकड़वाने की साजिश की। अली बिजली कंपनी टोरंट में चालक की नौकरी करता है। वो बसई स्थित ई रिक्शा चालक चंदन सिंह से मिला था। उसे आश्वासन दिया कि उसकी नौकरी लगवा देगा।
ओटीपी देखकर चालू कर लिया व्हाट्सएप नंबर
पुलिस ने बताया कि सोमवार को अली ने चंदन सिंह से तीन हजार रुपये में ई रिक्शा किया। इस दौरान कुछ देर के लिए चंदन का मोबाइल ले लिया। चंदन सिंह को मोबाइल की ज्यादा जानकारी नहीं है। उनका कीपैड वाला मोबाइल है। अली हसन ने उससे अपने नंबर पर मिस्ड कॉल की। उसके नंबर से व्हाट्स एप नंबर चालू करने के लिए ओटीपी जेनरेट किया।
चंदन के मोबाइल पर आया ओटीपी देखकर व्हाट्सएप चालू कर लिया। इसके बाद मैसेज कर दिया। इस पर आसिफ की फोटो भेजी गई, जिससे पुलिस आसिफ को पकड़ ले। पुलिस ने नंबर पर कॉल किया। चंदन सिंह ने रिसीव किया। वो अली को नहीं जानते थे। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की।
जिस जगह पर अली मिला था, वहां पर कैमरा लगा था। पुलिस ने स्मार्ट सिटी के कैमरों की फुटेज चेक की। इसमें अली हसन आ गया। उसके नंबर के बारे में पता कर लिया। इसके बाद उसे पकड़ लिया गया। अली हसन पहले एक हॉस्पिटल में कंपाउंडर था। इसलिए डॉक्टरों के नंबरों के बारे में पता था।
एत्माद्दौला क्षेत्र के डॉक्टर को मिली थी धमकी
पूर्व में थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के डाक्टर को धमकी मिली थी। उनसे भी रंगदारी मांगी गई थी। इस मामले में थाना में मुकदमा दर्ज हुआ था। हालांकि आरोपी नहीं पकड़ा जा सका था। काल आगरा से बाहर से किया गया था।