मैनपुरी में एक झोलाछाप के यहां उपचार के लिए युवक को लाया गया था। उसके सीने में दर्द था। परिजनों ने बताया कि झोलाछाप ने इंजेक्शन दिया, जिसके बाद हालत और भी बिगड़ गई। वे कहीं और ले जाते, उससे पहले ही युवक की मौत हो गई।
मैनपुरी में तमाम शिकायतों के बाद भी जिले में झोलाछापों की दुकानें बंद नहीं हो पा रही हैं। झोलाछाप के गलत इंजेशन से एक युवक की जान चली गई। परिजन ने झोलाछाप पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है।
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थाना भोगांव क्षेत्र के आलीपुरखेड़ा निवासी बृजेश कुमार (45) पुत्र प्रेमचंद्र कचौड़ी और समोसे की दुकान लगाता था। बृजेश बुधवार की शाम दुकान पर बैठा था। अचानक उसे सीने में दर्द हुआ। परिजन उसे आलीपुरखेड़ा में ही एक झोलाछाप के पास ले गए। यहां झोलाछाप ने बृजेश को इंजेक्शन लगा दिया इसके बाद बृजेश की हालत और बिगड़ गई। परिजन कुछ समझ पाते कि बृजेश को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अचानक बृजेश की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। बृजेश के भाई आशीष का कहना है कि झोलाछाप के गलत इंजेक्शन से उसके भाई की मौत हुई है। उसने कहा कि वह मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करेगा।
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विभाग की लचर कार्रवाई बन रही मुसीबत
जिले में इस साल अब तक झोलाछाप और अवैध क्लीनिकों पर आठ मरीजों की मौत हो चुकी है। लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। विभाग ने झोलाछापों पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं की है। इस लिए झोलाछापों के मंसूबे बढ़ते जा रहे हैं और मरीजों की लगातार मौत हो रही है। विभाग यदि कठोर कार्रवाई करे तो झोलाछापों की दुकानें बंद हो सकें।