योगिता की हत्या का आरोपी डॉक्टर विवेक तिवारी
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जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम की हत्या के आरोपी डॉक्टर विवेक तिवारी को सजा दिलाने के लिए आगरा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ए. सतीश गणेश ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बबलू कुमार को 14 बिंदुओं पर साक्ष्य जुटाने की योजना बनाकर दी है। यह जांच से लेकर अभियोजन तक की है। इसमें सीसीटीवी फुटेज जुटाने से लेकर डीएनए टेस्ट कराना तक शामिल है।
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1. हाईवे और एक्सप्रेसवे के सभी टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज निकलवाई जाएं। (विवेक यहीं से भागा था)
2. विवेक के मोबाइल टावर की कनेक्टिविटी और आईपीडीआर कनेक्टिविटी को गूगल मैप से लिया जाए। (इससे उसकी योगिता के घर आने, मौका-ए-वारदात पर जाने और फिर भागकर उरई जाने की लोकेशन स्पष्ट हो जाएगी)
3. डॉ. योगिता के फोन की ट्रैकिंग के लिए सर्विलांस एक्सपर्ट को लगाया जाए। (यह मोबाइल अब तक नहीं मिला है)
4. आरोपी को पीसीआर पर लेने से पहले पूछे जाने वाले प्रश्नों की लिस्ट तैयार की जाए। (ताकि हर घटना से संबंधित हर सवाल का जवाब मिल जाए)
5. फोरेंसिक सैंपल को प्राथमिकता पर एफएसएल भेजा जाए। (ताकि साक्ष्य जल्द मिल जाएं और कोर्ट के सामने पेश किए जा सकें)
6. डॅा. योगिता की मु्ट्ठी में मिले बालों और नाखूनों में फंसी खुरची त्वचा की डीएनए प्रोफाइल कराई जाए। उसका आरोपी से मिलान किया जाए। (यह सबसे बड़ा सुबूत होगा)
7. विवेक कानपुर में गाड़ी बदलकर आया था। कॉलोनी में लगे कैमरों के फुटेज चेक किए जाएं। (एक गाड़ी से जाने, दूसरी से आने की फुटेज से पुष्टि हो जाएगी)
8. जिस कार में यह घटना हुई, उस कार में सीन री क्रिएशन कराया जाए। यह काम एफएसएल की टीम करे। (इससे पता चलेगा कि वारदात कैसे की गई)
9. विवेक के फोन के समस्त डाटा की रिकवरी साइबर फोरेंसिक एक्सपर्ट से कराई जाए। (इससे अहम सुबूत मिलेंगे)
10. ऑडियो क्लिप अहम साक्ष्य हैं, इन्हें सुना जाए और जांच में शामिल किया जाए। (यह जाना जाए कि हत्या वाले दिन विवेक के मन में क्या चल रहा था)
11. डॉ. योगिता के शव से मिली बुलट की माइक्रो एनालिसिस, जो हर पिस्टल और रिवाल्वर का यूनिक होता है कि स्टडी बैलेस्टिक एक्सपर्ट से कराई जाए। (इससे साफ हो जाए कि गोली किस हथियार से चली)
12. हत्या में प्रयुक्त रिवाल्वर की बरामदगी के हर संभव प्रयास किए जाएं। (यह अहम सुबूत हैं)
13. यह रिवाल्वर किसके नाम पर है, किसका लाइसेंस है, मालूम किया जाए। (इसे विवेचना में सम्मिलित किया जाना चाहिए)
14. एमजी रोड, प्रतापपुरा और माल रोड के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे जाएं। (प्रतापपुरा में ही डॉ. योगिता की हत्या की गई)
एडीजी और आईजी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
एडीजी अजय आनंद और आईजी ए सतीश गणेश ने डौकी स्थित बमरौली गांव में घटनास्थल का निरीक्षण किया। डौकी पुलिस से घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। यहीं पर विवेक ने डॉ. योगिता की लाश को फेंका था।