फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: आगरा के दो मंत्रियों से छिना विभाग... घट गया कद, मंत्रिमंडल विस्तार में नए मंत्रियों को दी गई जिम्मेदारी

Wed, 13 Mar 2024 12:59 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

योगी सरकार ने योगेंद्र उपाध्याय से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स का प्रभार हटाया। वहीं धर्मवीर प्रजापति से कारागार हटाया गया है। अब केवल नागरिक सुरक्षा, होमगार्ड के मंत्री हैं। 
विज्ञापन
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और धर्मवीर प्रजापति - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सूबे की योगी सरकार द्वारा लगातार विवादों में चल रहे आगरा के दो मंत्रियों से विभाग लेकर नए मंत्रियों को दे दिए गए हैं। प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल में उच्च शिक्षा मंत्री के साथ आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के पास अब केवल उच्च शिक्षा मंत्री का प्रभार रह गया है। उनके दो विभागों को अन्य मंत्रियों को दे दिया गया है। इसी तरह धर्मवीर प्रजापति से कारागार हटाकर उन्हें केवल नागरिक सुरक्षा, होमगार्ड मंत्री रहने दिया गया है।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को नए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा किया तो आगरा के दोनों मंत्रियों का कद भी कम हो गया। स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति से कारागार लेकर दारा सिंह चौहान को दिया गया है। उन्हें केवल होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा सौंपा गया है। 

साल 2021 में वह एमएलसी बनाए गए थे। योगी सरकार के पिछले कार्यकाल में भी वह चुनाव से पूर्व हुए विस्तार में मंत्री बनाए गए थे। वहीं, योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री बनाए गए योगेंद्र उपाध्याय के पास मौजूद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को अनिल कुमार को दिया गया है। वहीं आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स को सुनील शर्मा को दिया गया है।

विवादों से जुड़ा योगेंद्र उपाध्याय का नाम

एक साल से योगेंद्र उपाध्याय किसी न किसी वजह से चर्चाओं और विवादों में बने हुए हैं। शहीद कैप्टन शुभम गुप्ता को चेक देने का मामला हो या टीला माईथान में मृतक परिजन को चेक देने के समय हुआ विवाद, दोनों मामलों में असंवेदनशीलता का मामला उठा तो अब जगदीशपुरा जमीन मामले में भी उन पर पार्टी के ही विरोधियों ने सवाल उठाए। 

विज्ञापन


हाल में ही आगरा कॉलेज के निलंबित प्राचार्य ने उन पर कई आरोप लगाए और मुख्यमंत्री से शिकायत की। जमीन संबंधी मामलों के विवाद के बाद उनसे मंगलवार को आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का प्रभार हटा लिया गया। अपने कार्यकाल में वह आगरा के साफ्टवेयर पार्क को शुरू नहीं करा पाए, वहीं आईटी पार्क की योजना भी अमल में नहीं आ सकी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें