चुनावी साल में योगी सरकार ने गुरुवार को अपना तीसरा बजट पेश किया। इसमें तीर्थनगरी मथुरा-वृंदावन के लिए तो कई घोषणाएं की गई हैं, लेकिन ताजनगरी के हाथ खाली रह गए। सिर्फ आगरा मेट्रो के लिए 175 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। वहीं, यहां के पर्यटन स्थलों को लेकर कोई नई घोषणा नहीं है।
बजट में उत्तर प्रदेश बृज तीर्थ में सुविधाओं के लिए 125 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। साथ ही मथुरा-वृंदावन ऑडिटोरियम के लिए 8.38 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। वहीं, संस्कृति विद्यालयों के लिए भी बजट का एलान किया गया है।
उधर, बजट में आगरा मेट्रो के सिवाय ताजनगरी के लिए कुछ खास नहीं है। आगरा मेट्रो के लिए 175 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है। न बैराज, न एयरपोर्ट के लिए पैसा और न ही आलू किसानों के लिए कोई घोषणा हुई है।
योगी सरकार के बजट में ताजमहल समेत मुगलिया इमारतों के विकास और संरक्षण लिए कुछ नहीं मिला है। इतना ही नहीं योगी सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक गांव बटेश्वर को भी भूल गए।
वहीं, आवारा गोवंश के रखरखाव और देखरेख लिए कई घोषणा की गई हैं। इनमें 165 करोड़ रुपये से निराश्रित गोवंश के भरण पोषण के लिए दिए जाएंगे। वहीं प्रदेश के लिए ग्रामीणों में 247.60 करोड़ से गोशालाएं बनवाई जाएंगीं, शहरी क्षेत्रों में कान्हा गोशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय के लिए 200 करोड़ की योजना है।