अरुणाचल में सेना की गाड़ी पलटने से जान गंवाने वाले मथुरा के गांव जैसवां निवासी सैनिक जीतू को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग पर ग्रामीणों ने गुरुवार को यमुना एक्सप्रेसवे जाम कर दिया। लोगों ने जवान का पार्थिव शरीर लेकर पहुंचे वाहन को भी रास्ते में ही रोक दिया। एक्सप्रेसवे पर पेड़ और पत्थर डालकर वाहनों की रफ्तार रोक दी। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईँ।
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एक्सप्रेसवे पर लगा जाम
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के चलते करीब तीन घंटे तक यमुना एक्सप्रेसवे जाम रहा। पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के समझाने के बाद भी ग्रामीण नहीं माने तो पुलिस ने लाठियां भांज कर किसी तरह जाम खुलवाया। पुलिस के अनुसार जाम लगाने वालों के खिलाफ मुकदमा किया जाएगा। ग्रामीणों ने जवान के परिजन को 25 लाख रुपये, जमीन, स्मारक और भाई को नौकरी की मांग भी की है।
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जीतू उर्फ जितेंद्र (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
थाना मांट क्षेत्र के गांव जैसवां निवासी सैनिक जितेंद्र उर्फ जीतू अरुणाचल में तैनात था। तीन दिन पूर्व वहां सेना की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गईं। हादसे में जीतू की मौत हो गई। उसका पार्थिक शरीर गुरुवार को गांव लाया गया। लेकिन इससे पहले ही जाबरा गांव के निकट सर्विस लाइन पर पार्थिव शरीर के वाहन को रोक कर ग्रामीणों ने अंडरपास के निकट एक्सप्रेसवे को जाम कर दिया।
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एक्सप्रेसवे पर ग्रामीणों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
सुबह करीब 6:30 बजे शुरू हुए जाम से नोएडा और आगरा की तरफ सात किमी तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण जवान को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा जैसवां में जीतू का शहीद स्मारक, जवान के भाई को नौकरी और परिवार को 25 लाख रुपये के साथ गांव में जमीन आवंटित करने की मांग भी की।
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एक्सप्रेसवे पर हंगामा करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
जाम लगने से परेशान पुलिस-प्रशासनिक अफसरों ने ग्रामीणों को काफी समझाया, पर ग्रामीण नहीं माने। आखिरकार पुलिस ने लाठियां भांजकर जाम खुलवाया तो वाहनों का आवागमन शुरू हो सका। एक्सप्रेसवे पर जाम में एंबुलेंस भी फंस गई थीं। एएसपी/सीओ मांट अंकुर अग्रवाल ने बताया कि जाम लगाने वाले चिंहित किए गए हैं। मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
एएसपी/सीओ मांट अंकुर अग्रवाल ने यह भी बताया कि गांव जैसवां के प्रधान के माध्यम से मांगों का प्रस्ताव आएगा। उस प्रस्ताव को शासन को भेजा जाएगा। शासन से स्वीकृत होने पर जवान के परिवार को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उधर, शाम को सैनिक जीतू का सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया है।