शहर से फिलहाल 85 किमी दूर है आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
कहने को भले ही ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे ताजनगरी से शुरू हुआ। मगर, अधूरे कार्यों की वजह से फिलहाल इस पर सिरसागंज से लखनऊ के बीच फर्राटे भरे जा सकते हैं। यहां भदान पर आरओबी (रेल ओवर ब्रिज) का काम अधर में लटका है। इसकी वजह से यह आगरा की ओर एक्सप्रेसवे से कनेक्ट नहीं है। इसमें 45 दिन से अधिक का समय लगेगा। इधर, इनर रिंग रोड पर भी आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को कनेक्ट होने में दस दिन से अधिक का वक्त लगेगा। ऐसे में इस पर फर्राटे भरने का फिलहाल आनंद नहीं लिया जा सकता।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अधूरे आगरा-लखनऊ (ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे) का शुभारंभ किया था। आगरा के अलावा कई क्षेत्रों में निर्माण कार्य लटका हुआ है। फिलहाल फीरोजाबाद की ओर से आगरा तक तो आ सकते हैं लेकिन इस ओर जाने के लिए इसे नहीं खोला गया है। फीरोजाबाद से आगे सिरसागंज के पास भी यह कानपुर की ओर कनेक्ट नहीं है। ऐसे में लखनऊ की ओर से आगरा तक आ पाना भी मुश्किल है। सूत्रों की मानें तो भदान (सिरसागंज) पर निर्माणाधीन आरओबी को पूरा होने में 45 दिन से भी अधिक वक्त लगेगा। इसके बाद ही इस पर आगरा से लखनऊ के बीच सफर किया जा सकेगा। आगरा से भदान के बीच लगभग 85 किमी की दूरी है। ऐसे में भदान से ही लखनऊ के लिए इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ा जा सकेगा। हालांकि यमुना नदी पर भी एक तरफ का फोन लेन पुल ही बना है। दूसरी तरफ के पुल का निर्माण कार्य जारी है।
नील गायों से खतरा
फतेहाबाद। जितनी दूरी में एक्सप्रेसवे को खोला भी गया है, वहां भी सफर सुरक्षित नहीं है। फतेहाबाद में नगला लोहिया के पास इसके लिए एक कट बनाया गया है। यहां पर अनाधिकृत प्रवेश रोकने के लिए जालियां तो लगाई हैं लेकिन जगह-जगह से टूटी हुई हैं। वहीं क्षेत्र में नीलगाय भी खतरे का सबब बन सकती हैं। जालियां ठीक से न लगी होने के कारण नील गाय एक्सप्रेसवे पर निकल आती हैं।